Anmol India Share: निवेशकों की बल्ले-बल्ले! Q3 में प्रॉफिट **674%** उछला, शेयर में आई तेजी

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AuthorNeha Patil|Published at:
Anmol India Share: निवेशकों की बल्ले-बल्ले! Q3 में प्रॉफिट **674%** उछला, शेयर में आई तेजी
Overview

Anmol India Limited ने तीसरी तिमाही (Q3 FY26) में अपने निवेशकों को शानदार तोहफा दिया है। कंपनी का नेट प्रॉफिट (Net Profit) पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले **673.68%** बढ़कर **₹2.94 करोड़** हो गया है। यह जबरदस्त उछाल कंपनी के रेवेन्यू (Revenue) में **20.57%** की बढ़ोतरी के कारण आया है, जो ₹305.42 करोड़ पर पहुंच गया।

Q3 में कैसा रहा प्रदर्शन?

'Coal & Other items' की ट्रेडिंग करने वाली Anmol India Limited ने दिसंबर 2025 को समाप्त हुई तिमाही के लिए अपने वित्तीय नतीजे जारी किए हैं। कंपनी का नेट प्रॉफिट साल-दर-साल 673.68% बढ़कर ₹2.94 करोड़ रहा। यह शानदार उछाल कंपनी के कुल रेवेन्यू में 20.57% की मजबूती के चलते संभव हुआ, जो पिछले साल की समान अवधि में ₹253.32 करोड़ था, और अब यह ₹305.42 करोड़ पर पहुंच गया है।

तिमाही-दर-तिमाही (Sequentially) आधार पर भी कंपनी का प्रदर्शन बेहद दमदार रहा। रेवेन्यू पिछले तिमाही (Q2 FY26) के ₹230.86 करोड़ से 32.30% बढ़कर ₹305.42 करोड़ हो गया। वहीं, नेट प्रॉफिट में तो मानो रॉकेट सी तेजी आई, जो पिछले तिमाही के सिर्फ ₹0.07 करोड़ से 4100% से अधिक बढ़कर ₹2.94 करोड़ पर पहुंच गया।

9 महीने के नतीजे और खास बात

दिसंबर 2025 को समाप्त हुए 9 महीनों (9M FY26) में, Anmol India का रेवेन्यू 15.42% बढ़कर ₹1,108.06 करोड़ हो गया। हालांकि, इस दौरान Profit Before Tax (PBT) में पिछले साल के ₹9.55 करोड़ की तुलना में थोड़ी गिरावट आई और यह ₹7.20 करोड़ रहा। इसके बावजूद, टैक्स देनदारी में भारी कमी के कारण, 9 महीने का नेट प्रॉफिट 63.08% बढ़कर ₹8.79 करोड़ पर पहुंच गया, जो पिछले साल इसी अवधि में ₹5.39 करोड़ था। पिछले 9 महीनों में टैक्स का भुगतान ₹4.16 करोड़ से घटकर ₹2.96 करोड़ हो गया।

जोखिम और आगे की राह

कंपनी के नतीजों में सबसे बड़ी कमी यह है कि मैनेजमेंट ने भविष्य को लेकर कोई गाइडेंस (Guidance) या कमेंट्री नहीं दी है। Anmol India सिर्फ कोयले और अन्य सामानों के कारोबार में है, जो कमोडिटी मार्केट की अस्थिरता और कीमतों के उतार-चढ़ाव के प्रति काफी संवेदनशील है। भविष्य की ग्रोथ स्ट्रेटेजी, संभावित चुनौतियों या विस्तार योजनाओं के बारे में जानकारी के अभाव में निवेशकों के लिए आगे का रास्ता देखना मुश्किल हो सकता है। निवेशकों को इनपुट कॉस्ट, कोयले की डिमांड और सरकारी नियमों पर बारीकी से नज़र रखनी होगी।

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