Angel One AMC ने किया सिल्वर में निवेश का आगाज़! नए ETFs लॉन्च, जानें क्यों है यह खास | Angel One Silver ETF

COMMODITIES
Whalesbook Logo
AuthorAditi Chauhan|Published at:
Angel One AMC ने किया सिल्वर में निवेश का आगाज़! नए ETFs लॉन्च, जानें क्यों है यह खास | Angel One Silver ETF
Overview

Angel One AMC ने भारतीय बाज़ार में कमोडिटी ईटीएफ (Commodity ETF) सेगमेंट में अपनी मौजूदगी बढ़ाते हुए दो नए सिल्वर ईटीएफ (Silver ETF) लॉन्च किए हैं। ये लॉन्च निवेशकों को चांदी की कीमतों में निवेश का सीधा मौका देंगे।

कमोडिटी सेगमेंट में Angel One का विस्तार

Angel One Asset Management Company Limited (Angel One AMC) ने अपने पैसिव निवेश (Passive Investment) प्रोडक्ट्स की रेंज का विस्तार किया है। कंपनी ने दो नए सिल्वर-केंद्रित स्कीमें पेश की हैं: Angel One Silver ETF और Angel One Silver ETF Fund of Fund (FOF)। इन प्रोडक्ट्स का न्यू फंड ऑफर (NFO) 9 फरवरी, 2026 से शुरू हो गया है। ETF के लिए NFO 19 फरवरी तक खुला रहेगा, जबकि FOF 23 फरवरी तक सब्सक्रिप्शन ले सकेगा। यह कदम Angel One AMC के कमोडिटी ईटीएफ स्पेस में रणनीतिक प्रवेश को दर्शाता है, जो मौजूदा गोल्ड-बेक्ड पैसिव प्रोडक्ट्स के अतिरिक्त है। कंपनी की पैरेंट कंपनी, Angel One Limited, जो एक प्रमुख रिटेल स्टॉक ब्रोकर है, का मार्केट कैपिटलाइज़ेशन लगभग ₹24,000 करोड़ है और इसका पिछले बारह महीनों का पी/ई रेश्यो (TTM P/E ratio) लगभग 31x है। फरवरी 2026 की शुरुआत में इसके शेयर लगभग ₹2,642 पर ट्रेड कर रहे थे।

चांदी की मांग और सप्लाई की कहानी

इन नए लॉन्च के पीछे चांदी के दोहरे आकर्षण को भुनाने की रणनीति है: यह एक ऐतिहासिक स्टोर ऑफ वैल्यू (Store of Value) भी है और एक महत्वपूर्ण इंडस्ट्रियल कमोडिटी (Industrial Commodity) भी। चांदी की मांग लगातार रिन्यूएबल एनर्जी टेक्नोलॉजीज, खासकर सोलर फोटोवोल्टाइक्स (PV) से बढ़ रही है, जिसने 2024 में इंडस्ट्रियल डिमांड का 29% हिस्सा बनाया। इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EVs) में पारंपरिक वाहनों की तुलना में काफी ज्यादा चांदी की जरूरत होती है, जो इसकी खपत को और बढ़ा रही है। इसके अलावा, डेटा सेंटर्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के तेजी से विस्तार से हाई-परफॉरमेंस कंप्यूटिंग हार्डवेयर में चांदी की मांग बढ़ रही है।

हालांकि, चांदी बाज़ार को सप्लाई की संरचनात्मक चुनौतियों का भी सामना करना पड़ रहा है। ग्लोबल सिल्वर प्रोडक्शन का लगभग 70-75% बेस मेटल और गोल्ड माइनिंग का एक सह-उत्पाद (Byproduct) है, जिसका मतलब है कि सप्लाई सीधे सिल्वर की कीमतों में बढ़ोतरी पर प्रतिक्रिया नहीं करती है। इतना ही नहीं, चीन, जो एक प्रमुख रिफाइनर है, ने जनवरी 2026 में नए एक्सपोर्ट कंट्रोल्स लागू किए हैं, जिससे ग्लोबल सिल्वर की उपलब्धता 50% तक कम हो सकती है। सप्लाई की ये कमजोरियां 2021 से देखे जा रहे लगातार घाटे में योगदान कर रही हैं।

प्रतिस्पर्धा से भरी बाज़ार में एंट्री

Angel One AMC भारत में पहले से स्थापित सिल्वर ईटीएफ बाज़ार में कदम रख रही है। Nippon India Silver ETF, जिसका एयूएम (AUM) 8 फरवरी 2026 तक ₹44,491 करोड़ से अधिक था, और ICICI Prudential Silver ETF, जिसका लगभग ₹14,828 करोड़ का एयूएम है, पहले से ही बाज़ार का बड़ा हिस्सा नियंत्रित करते हैं। जनवरी 2025 तक, भारत में सिल्वर ईटीएफ का कुल एयूएम ₹13,500 करोड़ से अधिक हो चुका था, जो एक बड़े निवेशक आधार का संकेत देता है।

बाज़ार की अस्थिरता और रिस्क फैक्टर

सिल्वर ईटीएफ ने प्रभावशाली रिटर्न (Returns) दिया है, कुछ ने जनवरी 2026 तक एक साल के आंकड़ों में 270% से अधिक का रिटर्न दिखाया है। लेकिन, बाज़ार ने अत्यधिक अस्थिरता (Volatility) भी देखी है। 8 फरवरी 2026 से ठीक पहले वाले हफ्ते में, सिल्वर ईटीएफ ने हाल की ऊंचाइयों से 38% की भारी गिरावट का अनुभव किया, जो CME मार्जिन में बढ़ोतरी और प्रॉफिट-टेकिंग जैसे कारकों से प्रेरित थी। मौजूदा सिल्वर ईटीएफ की एक्सपेंस रेशियो (Expense Ratio) लगभग 0.35% से 0.56% तक है। इन स्थापित प्लेयर्स के मुकाबले महत्वपूर्ण एयूएम आकर्षित करना और कीमत की निहित अस्थिरता से निपटना Angel One के नए प्रोडक्ट्स के लिए प्रमुख चुनौतियां होंगी।

आगे क्या?

हालिया बाज़ार की उथल-पुथल और कीमतों में गिरावट के बावजूद, सिल्वर की मांग का लॉन्ग-टर्म आउटलुक मजबूत बना हुआ है, जो ग्रीन इकोनॉमी और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर में इंडस्ट्रियल एप्लीकेशंस से प्रेरित है। एनालिस्ट्स Angel One Limited के लिए आम तौर पर सकारात्मक दृष्टिकोण रखते हैं, कंसेंसस 'BUY' रेटिंग के साथ और औसत टारगेट प्राइस लगभग ₹3,075 है, जो हाल के ट्रेडिंग स्तरों से लगभग 16% की संभावित अपसाइड का सुझाव देता है। हालांकि, यह सेंटिमेंट पैरेंट कंपनी के ब्रोकरेज बिजनेस से जुड़ा है। नए सिल्वर ईटीएफ की सफलता बाज़ार की अस्थिरता को नेविगेट करने, प्रतिस्पर्धी परिदृश्य में निवेशक पूंजी को आकर्षित करने और अंतर्निहित कमोडिटी की फंडामेंटल डिमांड ड्राइवर्स का प्रभावी ढंग से लाभ उठाने पर निर्भर करेगी। निवेशकों को सिल्वर की उच्च अस्थिरता पर विचार करने और इसे एक कोर होल्डिंग के बजाय संभावित डाइवर्सिफायर (Diversifier) के रूप में देखना चाहिए, संभवतः एक स्टैगर्ड इन्वेस्टमेंट एप्रोच (Staggered Investment Approach) के माध्यम से।

Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.