नतीजों का पूरा लेखा-जोखा
Ambar Protein Industries ने 31 दिसंबर 2025 को समाप्त तीसरी तिमाही के अन-ऑडिटेड फाइनेंशियल नतीजे जारी किए हैं। कंपनी के ऑपरेशन से रेवेन्यू में साल-दर-साल (YoY) 9.03% का उछाल आया और यह ₹121.92 करोड़ पर पहुंच गया। कुल इनकम भी 8.92% बढ़कर ₹122.11 करोड़ रही।
हालांकि, प्रोडक्शन के लिए जरूरी मटेरियल की लागत 18.56% बढ़कर ₹119.07 करोड़ हो गई, जिसने कंपनी की कमाई पर बड़ा असर डाला। इसके चलते, प्रॉफिट बिफोर टैक्स (PBT) में 35.03% की भारी गिरावट आई और यह ₹2.59 करोड़ पर आ गया। वहीं, नेट प्रॉफिट (PAT) भी साल-दर-साल 35.76% घटकर ₹1.81 करोड़ दर्ज किया गया। बेसिक अर्निंग्स पर शेयर (EPS) में भी 35.64% की गिरावट के साथ यह ₹3.16 रहा।
नौ महीनों के नतीजे भी चिंताजनक
31 दिसंबर 2025 को समाप्त नौ महीनों की अवधि के लिए भी यही तस्वीर देखने को मिली। कंपनी का रेवेन्यू 20.44% बढ़कर ₹353.86 करोड़ हुआ। लेकिन, मटेरियल कंज्यूम की लागत 25.19% उछलकर ₹336.46 करोड़ पर पहुंच गई। इस वजह से PBT में 39.45% की गिरावट आई और यह ₹5.96 करोड़ रहा। नेट प्रॉफिट (PAT) 36.31% घटकर ₹4.56 करोड़ पर आ गया, जबकि EPS 36.28% गिरकर ₹7.94 हो गया।
मार्जिन पर सीधा असर
इन नतीजों का सबसे बड़ा संकेत मार्जिन पर पड़ रहा दबाव है। तीसरी तिमाही में PBT मार्जिन पिछले साल के 3.55% से घटकर 2.12% रह गया। वहीं, PAT मार्जिन 2.52% से गिरकर 1.48% पर आ गया। नौ महीनों की अवधि में भी PBT मार्जिन 3.34% से घटकर 1.68% और PAT मार्जिन 2.43% से घटकर 1.29% हो गया। रेवेन्यू ग्रोथ के मुकाबले मटेरियल कॉस्ट का तेजी से बढ़ना ही इस मार्जिन संकुचन की मुख्य वजह है।
भविष्य को लेकर अनिश्चितता
कंपनी ने भविष्य की रणनीति, ग्रोथ के अनुमान या बढ़ती इनपुट लागतों से निपटने के उपायों पर कोई खास जानकारी नहीं दी है। फाइनेंशियल स्टेटमेंट की लिमिटेड रिव्यू की गई है और किसी भी फॉरवर्ड-लुकिंग स्टेटमेंट या मैनेजमेंट कमेंट्री की अनुपस्थिति में, यह कहना मुश्किल है कि कंपनी इन लागत दबावों को कैसे संभालेगी।