कमोडिटी मार्केट में Aluminium फ्यूचर्स फिलहाल **₹327** के आसपास कारोबार कर रहे हैं। यह मेटल **₹330-₹335** के कड़े रेजिस्टेंस जोन को पार करने में संघर्ष कर रहा है, जिसका सीधा असर भारतीय मेटल कंपनियों के शेयरों पर देखने को मिल सकता है।
बाजार का तकनीकी हाल
Aluminium फ्यूचर्स की चाल पिछले एक महीने से सुस्त बनी हुई है। तकनीकी तौर पर ₹330 से ₹335 का दायरा एक मजबूत रेजिस्टेंस के रूप में काम कर रहा है, जहाँ बिकवाली का दबाव बढ़ जाता है। अगर यह लेवल नहीं टूटा, तो कीमतों में आगे भी कमजोरी बनी रह सकती है।
नीचे की तरफ बाजार की नजरें ₹305 के सपोर्ट लेवल पर टिकी हैं। अगर कीमतें इस स्तर को तोड़ती हैं, तो और गिरावट के संकेत मिल सकते हैं। वहीं, अगर यह ₹335 के पार टिकने में कामयाब होता है, तो सेंटीमेंट बदलकर भाव ₹350 तक जा सकते हैं।
मेटल स्टॉक्स के लिए क्या हैं मायने?
यह ट्रेंड Hindalco Industries, Vedanta और National Aluminium Company (NALCO) जैसे शेयरों के लिए अहम है। चूंकि ये कंपनियां साइक्लिकल बिजनेस में हैं, इसलिए इनका रेवेन्यू और मुनाफा सीधे मेटल के भावों से तय होता है। हालांकि, जो कंपनियां खुद की खदानें और पावर प्लांट चलाती हैं, उन्हें कच्चे माल की कम लागत से मार्जिन में कुछ राहत मिल सकती है।
किन फैक्टर्स पर रखें नजर?
फिलहाल, ग्लोबल डिमांड (खासकर चीन), रुपये की चाल और एनर्जी कॉस्ट मेटल सेक्टर को दिशा दे रहे हैं। भविष्य में निवेशकों को London Metal Exchange (LME) के अपडेट्स पर भी पैनी नजर रखनी चाहिए, क्योंकि भारतीय बाजार अक्सर वहीं से संकेत लेते हैं।
