स्पेशियलिटी केमिकल्स कंपनी Vinati Organics ने फाइनेंशियल ईयर 2026-27 के लिए **15%** रेवेन्यू ग्रोथ का टारगेट रखा है। कंपनी अपनी ATBS क्षमता को **30,000** टन से बढ़ाकर **50,000** टन सालाना करने की योजना बना रही है। जून तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू **28%** बढ़ा, लेकिन बढ़ती लागतों ने मुनाफे पर दबाव डाला।
15% रेवेन्यू ग्रोथ का लक्ष्य
Vinati Organics, स्पेशियलिटी केमिकल्स सेक्टर की एक प्रमुख कंपनी, ने फाइनेंशियल ईयर 2026-27 के लिए 15% की रेवेन्यू ग्रोथ का टारगेट रखा है। कंपनी की विस्तार योजनाओं में ATBS (Alpha, Beta Picoline) की क्षमता को 30,000 टन प्रति वर्ष से बढ़ाकर 50,000 टन प्रति वर्ष करना शामिल है। मैनेजमेंट को उम्मीद है कि अक्टूबर से इन प्रोडक्ट्स की डिमांड में सुधार होगा, जिससे नई इंफ्रास्ट्रक्चर का बेहतर इस्तेमाल हो सकेगा।
जून तिमाही के नतीजे और मार्जिन पर असर
जून 2026 को समाप्त हुई पहली तिमाही में कंपनी ने 28% की दमदार रेवेन्यू ग्रोथ दर्ज की। हालांकि, मुनाफे में उतनी बढ़ोतरी नहीं देखी गई, जहाँ नेट प्रॉफिट में 4.5% और EBITDA में 7% की बढ़ोतरी हुई। यह अंतर बढ़ी हुई रॉ मटेरियल की लागतों और अस्थिर करेंसी रेट्स के प्रभाव को दर्शाता है। कंपनी अपने प्रोडक्ट्स का लगभग 55% एक्सपोर्ट करती है, जिससे उसे करेंसी की अस्थिरता का दोहरा असर झेलना पड़ता है - एक्सपोर्ट से होने वाली कमाई और रॉ मटेरियल के इंपोर्ट कॉस्ट दोनों पर।
वेरल ऑर्गेनिक्स यूनिट और भविष्य की कमाई
फिलहाल कंपनी वेरल ऑर्गेनिक्स (Veeral Organics) फैसिलिटी पर फोकस कर रही है, जिसका री-इंजीनियरिंग का काम दिसंबर तक पूरा होने की उम्मीद है। इस यूनिट से जनवरी से रेवेन्यू आना शुरू हो सकता है, और 70% से 80% यूटिलाइजेशन पर यह सालाना ₹500 करोड़ तक की कमाई कर सकती है। फाइनेंशियल ईयर 2028 में इस प्रोजेक्ट से ₹150 करोड़ के योगदान की उम्मीद है। इसके अलावा, कंपनी ने साफ किया है कि वह एनिसोल (anisole) के लिए फ्लेक्सिबल सोर्सिंग स्ट्रैटेजी अपनाएगी, यानी इन-हाउस प्रोडक्शन और इंपोर्ट में से जो भी किफायती होगा, उसे चुनेगी।
निवेशकों के लिए खास बातें
इनपुट कॉस्ट और पश्चिम एशिया में जियो-पॉलिटिकल फैक्टर के चलते प्रॉफिट मार्जिन पर दबाव के बावजूद, Vinati Organics ने 26% के EBITDA मार्जिन को बनाए रखने का भरोसा जताया है। कंपनी अपने रिटर्न ऑन कैपिटल एम्प्लॉयड (ROCE) को भी बेहतर बनाने पर काम कर रही है, जो फिलहाल 15% से 16% के बीच है। मैनेजमेंट का लक्ष्य अगले दो से तीन सालों में इस मेट्रिक को लगभग 20% तक ले जाना है, जिसके लिए नई कैपेसिटी का कुशल उपयोग सुनिश्चित करना होगा। आने वाली तिमाहियों में शेयरधारकों के लिए वेरल ऑर्गेनिक्स के री-इंजीनियरिंग प्रोजेक्ट का सफल कमीशनिंग, 26% के टारगेट के मुकाबले मार्जिन परफॉर्मेंस और ATBS डिमांड की रिकवरी की गति मुख्य मॉनिटरेबल होंगे।
