UPL Share Price: निवेशकों को झटका! मुनाफा **52%** गिरा, पर सेल्स और कर्ज में आई राहत, शेयर **5%** चढ़ा

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
UPL Share Price: निवेशकों को झटका! मुनाफा **52%** गिरा, पर सेल्स और कर्ज में आई राहत, शेयर **5%** चढ़ा
Overview

UPL के निवेशकों के लिए आज मिली-जुली खबर है। कंपनी ने दिसंबर तिमाही (Q3 FY26) के नतीजे जारी किए हैं, जिसमें नेट प्रॉफिट में **52%** की बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। हालांकि, अच्छी बात यह है कि कंपनी का रेवेन्यू **12.5%** बढ़कर **₹12,269 करोड़** पर पहुंच गया और शेयर **5.22%** की बढ़त के साथ **₹699.65** पर बंद हुआ।

UPL के लिए दिसंबर तिमाही (Q3 FY26) के नतीजे सामने आ गए हैं, जो बड़े उलटफेर वाले रहे। कंपनी का नेट प्रॉफिट पिछले साल की समान तिमाही के मुकाबले 52% घटकर ₹396 करोड़ रह गया। इस बड़ी गिरावट की मुख्य वजह पिछले साल इसी अवधि में हुए एक बड़े टैक्स एडजस्टमेंट (tax provision reversal) का असर है, जो इस बार नहीं था।

रेवेन्यू और EBITDA में शानदार बढ़त

अच्छी बात यह है कि कंपनी का रेवेन्यू (Revenue) 12.5% की शानदार बढ़त के साथ ₹12,269 करोड़ पर पहुंच गया। साथ ही, EBITDA 18.5% बढ़कर ₹2,317 करोड़ दर्ज किया गया। यह ग्रोथ कंपनी के 'Rest of the World' रीजन में 32%, यूरोप में 21%, Advanta सीड्स बिजनेस में 22%, और स्पेशियलिटी केमिकल्स सेगमेंट में 42% की जोरदार परफॉर्मेंस की वजह से आई। वहीं, कोर क्रॉप प्रोटेक्शन सेगमेंट में 8% की बढ़त बनी रही।

मार्जिन में सुधार और लागत में कमी

कंपनी के कॉन्ट्रिब्यूशन मार्जिन में भी 160 बेसिस पॉइंट्स का सुधार हुआ, जो अब 42.6% पर पहुंच गया है। मैनेजमेंट का कहना है कि बेहतर प्रोडक्ट मिक्स, क्षमता का पूरा इस्तेमाल और इनपुट लागतों में कमी से यह सुधार संभव हुआ है।

बैलेंस शीट हुई और मजबूत: कर्ज में भारी कमी

सबसे राहत की बात कंपनी के बैलेंस शीट से आई है। UPL ने अपना नेट डेट (Net Debt) पिछले साल के मुकाबले ₹2,553 करोड़ कम करके ₹23,317 करोड़ कर लिया है। इससे नेट डेट-टू-EBITDA रेश्यो घटकर 2.5x हो गया है, जो पिछले साल दिसंबर 2024 में 3.8x था। यह कंपनी की मजबूत वित्तीय स्थिति को दर्शाता है।

स्ट्रैटेजिक मूव्स और भविष्य की योजनाएं

कंपनी के चेयरमैन और ग्रुप सीईओ, जय श्रॉफ, ने इस तिमाही को 'रिकॉर्ड' बताया और कहा कि कंपनी के रणनीतिक प्लेटफॉर्म्स वैल्यू अनलॉक करने की राह पर हैं। इसी के साथ, UPL की सब्सिडियरी Advanta Enterprises ने SEBI के पास अपना DRHP (Draft Red Herring Prospectus) फाइल कर दिया है, जो इसके संभावित IPO की ओर एक अहम कदम है।

बाजार का नजरिया और स्टॉक का प्रदर्शन

भारतीय एग्रोकेमिकल सेक्टर, जिसका साइज $9.59 बिलियन तक पहुंचने का अनुमान है, फिलहाल अच्छी ग्रोथ देख रहा है। UPL का मार्केट कैप करीब ₹59,431 करोड़ है और इसका P/E रेश्यो 25.1x के आसपास है, जो इंडस्ट्री के दूसरे बड़े नामों जैसे PI Industries और Rallis India के बराबर है। पिछले एक साल में UPL के शेयर ने Nifty 50 की तुलना में बेहतर प्रदर्शन किया है, जहां Nifty 8% बढ़ा, वहीं UPL 11% से ज्यादा चढ़ा। बाजार ने इन नतीजों को सकारात्मक प्रतिक्रिया दी, जिसके चलते सोमवार को UPL के शेयर 5.22% चढ़कर ₹699.65 पर बंद हुए।

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