📉 कंसोलिडेटेड नतीजों पर मंदी की मार
Tata Chemicals Limited (TCL) के लिए तीसरी तिमाही (Q3FY26) के कंसोलिडेटेड नतीजे उम्मीद के मुताबिक नहीं रहे। परिचालन से रेवेन्यू (Revenue) पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 1% घटकर ₹3,550 करोड़ रहा। इसका मुख्य कारण ग्लोबल सोडा ऐश बाजार में जारी गिरावट है, जहाँ ओवरसप्लाई, ऊँचा इन्वेंटरी और कीमतों में नरमी देखी गई। नतीजतन, कंसोलिडेटेड EBITDA (Earnings Before Interest, Taxes, Depreciation, and Amortization) में 20% की भारी गिरावट आई और यह ₹345 करोड़ पर पहुँच गया। इसके चलते, कंसोलिडेटेड प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) पिछले साल के ₹49 करोड़ के मुनाफे से घटकर ₹(15) करोड़ के घाटे में चला गया। कंपनी ने नए लेबर कोड के कारण ₹54 करोड़ का एक्सेप्शनल चार्ज (Exceptional Charge) भी दर्ज किया है। 31 दिसंबर, 2025 तक, कंसोलिडेटेड नेट डेट (Net Debt) ₹5,596 करोड़ था।
💪 स्टैंडअलोन यूनिट में मजबूती
इसके विपरीत, TCL के स्टैंडअलोन (Standalone) परिचालन ने काफी मजबूत प्रदर्शन किया। स्टैंडअलोन रेवेन्यू (Revenue) 3% बढ़कर ₹1,204 करोड़ रहा, जिसका मुख्य कारण वॉल्यूम में वृद्धि है। बेहतर कॉस्ट मैनेजमेंट के चलते स्टैंडअलोन EBITDA 9% बढ़कर ₹228 करोड़ दर्ज किया गया। स्टैंडअलोन PAT (Profit After Tax) में 21% का इजाफा हुआ और यह ₹87 करोड़ रहा, हालाँकि इसमें भी नए लेबर कोड के कारण ₹14 करोड़ का एक्सेप्शनल चार्ज शामिल है।
📊 9 महीनों के नतीजे और भविष्य की राह
चालू फाइनेंशियल ईयर के पहले नौ महीनों (9MFY26) में, कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 2% घटकर ₹11,146 करोड़ रहा। कंसोलिडेटेड EBITDA 6% घटकर ₹1,531 करोड़ रहा। वहीं, कंसोलिडेटेड PAT (एक्सेप्शनल आइटम्स और NCI को छोड़कर) 6% बढ़कर ₹520 करोड़ हो गया। स्टैंडअलोन प्रदर्शन 9MFY26 में बेहद शानदार रहा, रेवेन्यू 11% बढ़कर ₹3,577 करोड़ और EBITDA 26% बढ़कर ₹738 करोड़ रहा। इसी के चलते स्टैंडअलोन PAT में 34% की बड़ी छलांग लगाकर यह ₹572 करोड़ पर पहुँच गया।
🚀 स्ट्रेटेजिक मूव्स और आउटलुक
Tata Chemicals ने उच्च मार्जिन वाले स्पेशलिटी केमिकल्स (Specialty Chemicals) सेगमेंट में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए Novabay Pte. Limited के अधिग्रहण की घोषणा की है, जिसके Q4FY26 तक पूरा होने की उम्मीद है। इसके अलावा, कंपनी ने तमिलनाडु में एक नई सॉल्ट फैसिलिटी (Salt Facility) के लिए ₹515 करोड़ के ग्रीनफील्ड इन्वेस्टमेंट को मंजूरी दी है, जो कंज्यूमर प्रोडक्ट पोर्टफोलियो को मजबूत करेगा। हाल ही में पर्ल सिलिका (Pearl Silica) और FOS L55 फैसिलिटीज का कमिशनिंग भी ऑपरेशनल प्रगति को दर्शाता है। मैनेजमेंट का तत्काल ध्यान मार्जिन बचाने, कैश को सुरक्षित रखने और बैलेंस शीट को मजबूत करने पर है। हालाँकि, ग्लोबल सोडा ऐश बाजार में अनिश्चितता एक नियर-टर्म रिस्क बनी हुई है, पर स्पेशलिटी केमिकल्स और कंज्यूमर प्रोडक्ट्स में स्ट्रेटेजिक शिफ्ट लंबी अवधि में वैल्यू क्रिएशन का वादा करते हैं।