मार्जिन रिकवरी ने Q4 में मारी बाजी
Supreme Petrochem ने अपनी चौथी तिमाही के नतीजों में जोरदार वापसी की है। कंपनी का नेट प्रॉफिट साल-दर-साल 57.2% बढ़कर ₹168 करोड़ पर पहुंच गया, जो पिछले साल के ₹107 करोड़ से काफी बेहतर है। इस शानदार रिकवरी का मुख्य कारण ऑपरेशनल एफिशिएंसी (operational efficiency) में बड़ा इजाफा है, जिसने EBITDA को 75% तक बढ़ाकर ₹253 करोड़ कर दिया। कंपनी के ऑपरेटिंग मार्जिन में भी बड़ी उछाल आई है, जो पिछले साल के 9.4% से बढ़कर 15.96% हो गया है। यह वह मजबूती है जो पिछली तिमाही (Q3) में आई तेज गिरावट के बाद देखने को मिली है, जब नेट प्रॉफिट 80% गिरकर ₹30.6 करोड़ रह गया था। Q4 में रेवेन्यू में 3.1% की बढ़ोतरी हुई, जो ₹1,587 करोड़ रहा।
शेयर क्यों गिरा? निवेशकों की चिंताएं
इन शानदार नतीजों के बावजूद, शेयर बाजार में प्रतिक्रिया मिली-जुली रही। 24 अप्रैल, 2026 को Supreme Petrochem का शेयर 1.84% गिरकर ₹805.00 पर बंद हुआ। बाजार की यह प्रतिक्रिया निवेशकों की कुछ चिंताओं को दर्शाती है। कंपनी कीvaluation की बात करें तो, अप्रैल 2026 तक इसका मार्केट कैप लगभग ₹15,000 करोड़ है। इसका पी/ई रेशियो (P/E ratio) 55.30 के आसपास है, जो सेक्टर के औसत 42.32 से ज्यादा है। हालांकि, ROCE 373.82% जैसा मजबूत है, लेकिन 11.66 का डेट-टू-इक्विटी रेशियो (debt-to-equity ratio) कुछ विश्लेषकों के लिए चिंता का सबब बन सकता है, भले ही इंटरेस्ट कवरेज रेशियो 34.37 है।
भविष्य की राह और इंडस्ट्री की चुनौतियां
Q4 की दमदार परफॉरमेंस के बावजूद, निवेशकों में इस बात को लेकर संशय है कि यह तेजी कितनी टिकाऊ है। पिछले फाइनेंशियल ईयर (FY25) की Q4 में कंपनी का प्रॉफिट 18.71% गिरा था, जो कंपनी की परफॉरमेंस में उतार-चढ़ाव को दिखाता है। कई एनालिस्ट्स (analysts) की राय बंटी हुई है, और 12 महीने का औसत प्राइस टारगेट (price target) मामूली गिरावट का संकेत दे रहा है। मैनेजमेंट ने वॉल्यूम ग्रोथ (volume growth) के लिए 13-14% का लक्ष्य रखा है, जिसमें नई क्षमताएं और Xmold Polymers जैसी सहायक कंपनियों का अधिग्रहण शामिल है। लेकिन, टैरिफ में रुकावटें (tariff disruptions) और सप्लाई चेन की अनिश्चितताएं चुनौतियां पैदा कर सकती हैं।
डिविडेंड (Dividend) की घोषणा
कंपनी ने शेयरधारकों की मंजूरी के अधीन, FY26 के लिए ₹8 प्रति इक्विटी शेयर का फाइनल डिविडेंड (final dividend) देने की सिफारिश की है, जो कंपनी की मजबूत वित्तीय स्थिति का संकेत देता है।
