नतीजों पर एक नज़र: रेवेन्यू और प्रॉफिट में जबरदस्त उछाल!
Stallion India Fluorochemicals ने फाइनेंशियल ईयर 2026 की तीसरी तिमाही (31 दिसंबर 2025 को समाप्त) और नौ महीनों के लिए अपने नतीजे जारी किए हैं, जो कंपनी की दमदार परफॉर्मेंस को दिखाते हैं।
तिमाही नतीजों पर गौर करें तो:
- कंपनी का रेवेन्यू 23.2% बढ़कर ₹104.87 करोड़ रहा।
- EBITDA ₹13.56 करोड़ दर्ज किया गया।
- Profit After Tax (PAT) ₹11.12 करोड़ रहा, जिससे नेट प्रॉफिट मार्जिन लगभग 10.61% रहा।
नौ महीने (9M FY26) के आंकड़े और भी प्रभावशाली हैं:
- रेवेन्यू में 41.7% की सालाना जोरदार बढ़त के साथ यह ₹321.18 करोड़ तक पहुंच गया।
- EBITDA में 48.6% का इजाफा हुआ और यह ₹43.69 करोड़ रहा।
- PAT में तो 72.8% की शानदार छलांग देखने को मिली, जो ₹32.9 करोड़ पर पहुंच गया।
- नौ महीनों के लिए Earnings Per Share (EPS) ₹4.15 दर्ज किया गया।
विस्तार योजनाएं और भविष्य की राह
कंपनी ने इन नतीजों के साथ-साथ भविष्य के लिए अपनी महत्वाकांक्षी विस्तार योजनाओं का भी खुलासा किया है। Stallion India Fluorochemicals अब बैकवर्ड इंटीग्रेशन और हाई-वैल्यू प्रोडक्ट्स पर फोकस कर रही है।
मुख्य बिंदु:
- R-32 फैसिलिटी: 10,000 MTPA क्षमता वाली नई R-32 मैन्युफैक्चरिंग प्लांट अगस्त 2026 तक चालू होने की उम्मीद है। CEO शज़ाद रुस्तमजी ने इस प्रोजेक्ट के लिए शुरुआती फंडिंग की कमी को दूर करने हेतु व्यक्तिगत तौर पर ब्याज-मुक्त फंड प्रदान किए।
- म्बात्तु प्लांट: म्बात्तु प्लांट का रीडिज़ाइन और कैपेसिटी अपग्रेड किया जा रहा है, जिसमें सेमीकंडक्टर और हीलियम क्षमताएं जोड़ी जाएंगी।
- हीलियम पर फोकस: कंपनी ने SYS Advanced के साथ टेक्नोलॉजी टाई-अप और Sharjah Oxygen के साथ लिक्विड हीलियम सोर्सिंग के लिए लॉन्ग-टर्म पार्टनरशिप की है। अगले पांच सालों में हीलियम बिजनेस से ₹200 करोड़ के रेवेन्यू का लक्ष्य रखा गया है।
- मार्जिन्स में सुधार: कंपनी का लक्ष्य मीडियम-टर्म में PAT मार्जिन को वर्तमान ~10% से बढ़ाकर 16-24% तक ले जाना है।
चुनौतियाँ और आगे का आउटलुक
कंपनी अपनी विस्तार योजनाओं के लिए फंड जुटाने हेतु एक राइट्स इश्यू (Rights Issue) लाने की योजना बना रही है, जिससे ₹364 करोड़ तक जुटाए जा सकते हैं। हालाँकि, इससे मौजूदा शेयरहोल्डर्स के लिए डाइल्यूशन का खतरा हो सकता है। इसके अलावा, वर्किंग कैपिटल डेज़ 134 से बढ़कर 193 दिन हो गए हैं, जिन पर क्लोज वॉच रखने की ज़रूरत है। प्रमोटर होल्डिंग में भी थोड़ी कमी (-3.06%) देखी गई है।
इन चुनौतियों के बावजूद, मैनेजमेंट फाइनेंशियल ईयर 2026 के लिए ₹430 करोड़ के रेवेन्यू गाइडेंस और अगले तीन वर्षों में 30-35% की CAGR ग्रोथ के लक्ष्य को लेकर आश्वस्त है। कंपनी कर्ज-मुक्त (Debt-free) स्थिति बनाए रखने की दिशा में काम कर रही है।