SRF Ltd के शेयरों में आज भारी बिकवाली देखी गई, जिसके बाद यह **₹2,178.30** के अपने **52-week low** लेवल पर आ गया। कंपनी के मुनाफे और रेवेन्यू में बढ़ोतरी के बावजूद, ऑपरेटिंग मार्जिन में **330 बेसिस पॉइंट्स** की गिरावट ने निवेशकों को चिंता में डाल दिया है।
मुनाफे के बावजूद मार्जिन पर मार
SRF Ltd के तिमाही नतीजे मिले-जुले रहे हैं। जहां कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 31% बढ़कर ₹509.12 करोड़ रहा और रेवेन्यू 35% की बढ़त के साथ ₹4,904 करोड़ पर पहुंचा, वहीं मार्केट का ध्यान मार्जिन पर रहा। कंपनी का ऑपरेटिंग प्रॉफिट मार्जिन (EBITDA) 330 बेसिस पॉइंट्स घटकर 20.6% रह गया। निवेशकों को इस बात का डर है कि कंपनी का मुनाफा रेवेन्यू के मुकाबले रफ्तार नहीं पकड़ पा रहा है।
क्यों कमजोर पड़ा केमिकल और पैकेजिंग बिजनेस?
मुनाफे में कमी की मुख्य वजह केमिकल सेगमेंट में भारी प्राइसिंग प्रेशर है। चीन से आ रही प्रतिस्पर्धा के कारण ग्लोबल मार्केट में सप्लाई बढ़ गई है, जिससे कीमतों पर दबाव है। इस सेगमेंट में रेवेन्यू 25% बढ़ने के बाद भी ऑपरेटिंग प्रॉफिट में 10% की गिरावट दर्ज की गई। वहीं, पैकेजिंग फिल्म्स बिजनेस का मार्जिन भी तिमाही आधार पर 762 बेसिस पॉइंट्स गिरकर 9.7% रह गया।
भविष्य की योजनाएं और निवेशक का नजरिया
दीर्घकालिक विकास के लिए कंपनी ने मध्य प्रदेश में ₹600 करोड़ के निवेश से बैटरी-ग्रेड एल्युमीनियम फॉयल प्लांट लगाने का ऐलान किया है, जो 2028-2030 के बीच शुरू होगा। हालांकि, यह प्रोजेक्ट भविष्य की कहानी है, जो फिलहाल मार्जिन के दबाव को हल नहीं करता है। साल 2026 की शुरुआत से अब तक शेयर 27% टूट चुका है और सिर्फ पिछले 5 कारोबारी सत्रों में इसमें करीब 14% की गिरावट आई है। अब निवेशकों की नजर इस बात पर है कि क्या कंपनी अपनी प्राइसिंग पावर दोबारा हासिल कर पाएगी या मार्जिन पर दबाव का यह दौर आगे भी जारी रहेगा।
