SRF के शेयरों में आज भारी बिकवाली देखने को मिली। कंपनी ने पहली तिमाही (Q1FY27) में **76%** का जबरदस्त प्रॉफिट दर्ज किया, इसके बावजूद शेयर **9%** तक गिर गए। कंपनी का रेवेन्यू भी **32%** बढ़कर **₹4,939 करोड़** रहा।
Detailed Coverage
नतीजों पर टूटा शेयर!
गुरुवार को SRF के शेयरों में इंट्रा-डे ट्रेडिंग के दौरान 9% की भारी गिरावट दर्ज की गई और यह BSE पर ₹2,617.50 तक पहुंच गए। यह गिरावट तब आई जब कंपनी ने वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही के लिए मजबूत वित्तीय नतीजे पेश किए। दरअसल, निवेशकों ने हाल की तेजी के बाद अपने मुनाफे को लॉक करने के लिए बिकवाली की, जिसके चलते SRF, BSE 150 मिडकैप इंडेक्स में सबसे ज्यादा गिरने वाला स्टॉक बन गया।
Q1 में दमदार परफॉरमेंस
जून 2026 को समाप्त हुई तिमाही के लिए, SRF ने साल-दर-साल 32% की बढ़ोतरी के साथ ₹4,939 करोड़ का रेवेन्यू दर्ज किया। कंपनी का आफ्टर-टैक्स प्रॉफिट पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में 76% बढ़कर ₹759 करोड़ हो गया। ऑपरेशनल एफिशिएंसी में भी सुधार हुआ, EBITDA 49% बढ़कर ₹1,237 करोड़ रहा। इससे कंपनी का प्रॉफिट मार्जिन बढ़कर 24.6% हो गया, जो पिछले साल की तुलना में 280 बेसिस पॉइंट का इजाफा दर्शाता है।
कंपनी के तीनों मुख्य सेगमेंट में ग्रोथ देखी गई। केमिकल्स बिजनेस ने 26% की बढ़ोतरी के साथ ₹2,315 करोड़ का रेवेन्यू रिपोर्ट किया, जबकि पैकेजिंग फिल्म्स डिवीजन 42% बढ़कर ₹2,017 करोड़ पर पहुंच गया। टेक्निकल टेक्सटाइल्स सेगमेंट ने भी 28% की वृद्धि में योगदान दिया, जो कुल ₹597 करोड़ रहा।
स्पेशियलिटी प्रोडक्ट्स में निवेश
इन नतीजों के साथ, कंपनी के बोर्ड ने भारत में एक स्पेशलाइज्ड BOPET थिक फिल्म लाइन स्थापित करने के लिए ₹250 करोड़ के कैपिटल एक्सपेंडिचर (Capex) को मंजूरी दी है। इस कदम का मकसद इंडस्ट्रियल और इलेक्ट्रॉनिक एप्लीकेशंस के लिए स्पेशलाइज्ड सबस्ट्रेट्स में डाइवर्सिफाई करना है, जिससे कंपनी की स्टैंडर्ड कमोडिटी फिल्म्स पर निर्भरता कम हो सकती है। इस प्रोजेक्ट में अंतरराष्ट्रीय उपकरण निर्माताओं की टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया जाएगा। इसके अलावा, कंपनी अपने स्पेशियलिटी केमिकल्स बिजनेस में छोटे विस्तार प्रोजेक्ट्स पर भी काम कर रही है, खासकर अपने एग्रोकेमिकल्स पोर्टफोलियो में क्षमता बढ़ाने और उत्पादन एफिशिएंसी में सुधार करने पर।
सेक्टर का हाल और भविष्य
जहां कंपनी ने ग्रोथ दिखाई है, वहीं व्यापक केमिकल सेक्टर ग्लोबल ओवरकैपेसिटी और प्राइस फ्लक्चुएशन जैसी चुनौतियों का सामना कर रहा है। मैनेजमेंट और इंडस्ट्री के अवलोकन के अनुसार, एग्रोकेमिकल और फार्मास्युटिकल सेक्टर में मांग में नरमी के संकेत मिले हैं। हालांकि, कंपनी को उम्मीद है कि डोमेस्टिक एयर-कंडीशनिंग मार्केट उसके रेफ्रिजरेंट बिजनेस को सहारा देगा।
विश्लेषकों का कहना है कि SRF का हाई-मार्जिन स्पेशियलिटी केमिकल्स पर फोकस और इंपोर्ट को सब्स्टीट्यूट करने की क्षमता लॉन्ग-टर्म फोकस एरिया बने रहेंगे। कंपनी की बैलेंस शीट मजबूत है, जो उसके मौजूदा कैपिटल स्पेंडिंग प्लान्स को सपोर्ट करती है। अब निवेशक इन नई प्रोडक्शन लाइन्स की प्रगति और एग्रोकेमिकल सेगमेंट की मौजूदा नरमी आने वाली तिमाहियों में बनी रहती है या नहीं, इस पर नजर रखेंगे। प्रोजेक्ट एग्जीक्यूशन की स्पीड और वोलेटाइल ग्लोबल प्राइसिंग के बीच मौजूदा प्रॉफिट मार्जिन को बनाए रखने की क्षमता भविष्य में निगरानी के मुख्य कारक होंगे।
