नतीजे बताते हैं बड़ी छलांग, पर सवाल भी?
S H Kelkar and Company Limited ने 31 दिसंबर, 2025 को समाप्त हुई तीसरी तिमाही (Q3 FY26) और नौ महीनों के लिए अपने अनऑडिटेड स्टैंडअलोन और कंसोलिडेटेड फाइनेंशियल रिजल्ट्स जारी कर दिए हैं। नतीजों पर नज़र डालें तो मुनाफे (Profit After Tax - PAT) में ज़बरदस्त उछाल दर्ज किया गया है, लेकिन इसमें असाधारण आय (Exceptional Items) का बड़ा हाथ रहा है।
कंसोलिडेटेड प्रदर्शन (Consolidated Performance)
Q3 FY26: कंपनी के रेवेन्यू फ्रॉम ऑपरेशंस में 7.5% का अच्छा इजाफा हुआ और यह ₹583.80 करोड़ रहा, जो पिछले साल की समान अवधि में ₹543.21 करोड़ था। PAT में 9% की बढ़ोतरी देखी गई, जो ₹11.22 करोड़ पर पहुंचा, जबकि पिछले साल यह ₹10.29 करोड़ था। वहीं, पिछली तिमाही (QoQ) की तुलना में रेवेन्यू 5.4% बढ़ा और PAT में लगभग 117% की शानदार तेज़ी आई। बेसिक और डाइल्यूटेड EPS 22.7% बढ़कर ₹0.81 हो गया, जो पिछले साल ₹0.66 था।
खास बात: Q3 कंसोलिडेटेड PAT में एक पुरानी फायर इंसिडेंट से हुए इंश्योरेंस क्लेम की ₹3.07 करोड़ की असाधारण आय शामिल है। लेकिन, एक बड़ी विसंगति देखने को मिली है: फाइलिंग के पेज 7 पर नोट 2 में कंसोलिडेटेड असाधारण आय ₹33.07 करोड़ बताई गई है, जो समरी टेबल में दिखाए गए ₹3.07 करोड़ के आंकड़े से काफी अलग है।
9M FY26: नौ महीनों में कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 10.4% बढ़कर ₹1718.32 करोड़ हो गया (पिछले साल ₹1556.02 करोड़)। PAT में 6.9% की बढ़ोतरी के साथ यह ₹138.33 करोड़ रहा (पिछले साल ₹129.44 करोड़)। EPS 6.6% बढ़कर ₹9.98 हो गया। इस दौरान असाधारण आय ₹35.92 करोड़ रही।
स्टैंडअलोन प्रदर्शन (Standalone Performance)
Q3 FY26: स्टैंडअलोन आधार पर, रेवेन्यू फ्रॉम ऑपरेशंस में 2.6% की मामूली बढ़ोतरी हुई और यह ₹291.92 करोड़ रहा (पिछले साल ₹284.41 करोड़)। PAT में 75.9% का ज़बरदस्त उछाल आया और यह ₹18.65 करोड़ पर पहुंच गया (पिछले साल ₹10.60 करोड़)। इस उछाल का मुख्य कारण ₹29.21 करोड़ की असाधारण आय (फायर क्लेम रिकवरी) और 'अन्य आय' (Other Income) में भारी वृद्धि थी, जो ₹13.00 करोड़ पर पहुंच गई (पिछले साल सिर्फ ₹0.95 करोड़)। स्टैंडअलोन EPS 77.6% बढ़कर ₹1.35 हो गया (पिछले साल ₹0.76)।
9M FY26: स्टैंडअलोन रेवेन्यू पिछले साल के मुकाबले लगभग स्थिर रहा और ₹855.10 करोड़ रहा। कंपनी ने पिछले साल के ₹13.56 करोड़ के नेट लॉस की तुलना में इस बार ₹33.35 करोड़ का मजबूत मुनाफा दर्ज किया, जिसका बड़ा श्रेय इसी अवधि की असाधारण मदों को जाता है।
सेग्मेंट की झलक (Segmental Highlights)
Q3 FY26 में कंसोलिडेटेड सेग्मेंट रेवेन्यू की बात करें तो फ्रेंग्रेंस (Fragrance) सेग्मेंट में 9.6% की बढ़ोतरी हुई और यह ₹557.54 करोड़ रहा। फ्लेवर्स (Flavours) सेग्मेंट का रेवेन्यू ₹52.22 करोड़ रहा, जो पिछले साल के लगभग बराबर है।
शेयरधारकों को रिटर्न (Shareholder Returns)
बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के लिए ₹1 प्रति इक्विटी शेयर का अंतरिम डिविडेंड घोषित किया है। यह लगभग ₹13.84 करोड़ के बराबर होगा। इस कदम का उद्देश्य शेयरधारकों को कंपनी के प्रदर्शन के बीच पुरस्कृत करना है।
चिंता के बिंदु और आगे की राह (Risks & Outlook)
Q3 FY26 के कंसोलिडेटेड और स्टैंडअलोन नतीजों में असाधारण मदों, खासकर फायर क्लेम रिकवरी पर अत्यधिक निर्भरता, कंपनी की असल ऑपरेशनल प्रॉफिटेबिलिटी और कमाई की गुणवत्ता पर सवाल उठाती है। कंसोलिडेटेड असाधारण आय के आंकड़ों में बड़ी विसंगति मैनेजमेंट द्वारा स्पष्टीकरण की मांग करती है। जबकि फ्रेंग्रेंस सेग्मेंट मज़बूत ग्रोथ दिखा रहा है, वहीं स्टैंडअलोन रेवेन्यू का स्थिर रहना और फ्लेवर सेग्मेंट का प्रदर्शन कुछ चुनौतियों या रणनीतिक फोकस की ज़रूरत वाले क्षेत्रों की ओर इशारा करता है। निवेशकों को आने वाली निवेशक वार्ताओं में मैनेजमेंट की ओर से ऑपरेशनल ड्राइवर्स और रिपोर्टिंग विसंगति के समाधान पर की गई टिप्पणी पर नज़र रखनी चाहिए।