S H Kelkar and Company Limited ने हाल ही में कोटक (Kotak) की वार्षिक निवेशक कॉन्फ्रेंस में अपनी प्रेजेंटेशन पेश की। इस प्रेजेंटेशन में कंपनी ने फाइनेंशियल ईयर 25 (FY25) के अपने शानदार प्रदर्शन का खुलासा किया है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, कंपनी की कुल आय ₹2,147 करोड़ रही, जबकि कैश प्रॉफिट ₹224 करोड़ दर्ज किया गया। वहीं, फाइनेंशियल ईयर 25 (FY25) में कंपनी का प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) ₹125 करोड़ रहा। कंपनी ने भविष्य के लिए एक महत्वाकांक्षी लक्ष्य भी तय किया है, जिसके तहत फाइनेंशियल ईयर 29 (FY29) तक बिक्री ₹3,377 करोड़ तक पहुंचने की उम्मीद है। अगले 5 सालों के लिए कंपनी ने कुल आय में लगभग 10% की CAGR (कंपाउंडेड एनुअल ग्रोथ रेट) का अनुमान लगाया है।
इस ग्रोथ को हासिल करने के लिए S H Kelkar अपनी ग्लोबल विस्तार (Global Expansion) की योजनाओं पर तेजी से काम कर रही है। कंपनी अपनी प्रोडक्शन कैपेसिटी (Capacity Enhancements) को बढ़ाने और ऑपरेशनल एफिशिएंसी (Operational Efficiency) को बेहतर बनाने पर भी जोर दे रही है। ESG (एनवायरनमेंटल, सोशल और गवर्नेंस) इनिशिएटिव्स (Initiatives) पर भी कंपनी का खास फोकस है।
1955 में स्थापित, S H Kelkar भारत की सबसे बड़ी भारतीय मूल की फ्रैग्रेंस (Fragrance) और फ्लेवर (Flavour) कंपनी है। कंपनी का ग्लोबल प्रेजेंस (Global Presence) है, जिसके क्रिएशन सेंटर्स (Creation Centres) भारत, सिंगापुर और यूरोप में हैं। हाल ही में अप्रैल 2024 में, कंपनी की वाशिंदा (Vashivali) फैसिलिटी में आग लगने की घटना हुई थी, हालांकि बीमा क्लेम (Insurance Claims) की उम्मीद है और पुनर्निर्माण कार्य जारी है।
हालांकि, कंपनी के भविष्य के अनुमानों में कुछ जोखिम (Risks) भी शामिल हैं। बाजार की अनिश्चितताएं (Market Uncertainties), आर्थिक और राजनीतिक बदलाव, या रेगुलेटरी (Regulatory) नियमों में परिवर्तन कंपनी के नतीजों को प्रभावित कर सकते हैं। वाशिंदा प्लांट में आग लगने की घटना भी निकट भविष्य में प्रोडक्शन पर असर डाल सकती है।
S H Kelkar फ्रैग्रेंस और फ्लेवर सेक्टर में कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करती है। इसके प्रमुख भारतीय प्रतिस्पर्धियों में ओरिएंटल एरोमेटिक्स लिमिटेड (Oriental Aromatics Limited) और प्रिवी स्पेशलिटी केमिकल्स लिमिटेड (Privi Speciality Chemicals Limited) शामिल हैं। वहीं, ग्लोबल लेवल पर Givaudan और Firmenich जैसी बड़ी कंपनियां भी इस सेक्टर में मौजूद हैं।
निवेशकों को अब मैनेजमेंट की ग्रोथ स्ट्रैटेजी के एग्जीक्यूशन (Execution) पर बारीकी से नज़र रखनी चाहिए। ग्लोबल विस्तार की योजनाओं में प्रगति, मार्जिन में सुधार, और वाशिंदा प्लांट की रिकवरी जैसे कारक कंपनी के भविष्य के प्रदर्शन के लिए महत्वपूर्ण होंगे।