Rossari Biotech के लिए Q4 FY26 के नतीजे मिले-जुले रहे। कंपनी ने पिछले साल की समान अवधि की तुलना में अपने नेट प्रॉफिट में 33.43% की जबरदस्त वृद्धि दर्ज की है, जो बढ़कर ₹46 करोड़ हो गया। वहीं, कंपनी का रेवेन्यू भी 18.2% बढ़कर ₹684.8 करोड़ पर पहुंच गया।
ब्याज, टैक्स, डेप्रिसिएशन और अमॉर्टाइजेशन से पहले की कमाई (EBITDA) 11% बढ़कर ₹77.2 करोड़ रही, जबकि EBITDA मार्जिन 12% पर स्थिर बना रहा। कंपनी ने 25% का फाइनल डिविडेंड भी घोषित किया है।
लेकिन इन मजबूत नतीजों के बावजूद, 27 अप्रैल को Rossari Biotech के शेयर में 1.95% की गिरावट आई और यह ₹506.15 पर बंद हुआ। ऐसा लगता है कि निवेशक हाल के वित्तीय प्रदर्शन के बजाय भविष्य की चिंताओं पर ज्यादा ध्यान दे रहे हैं।
प्रमोटर्स की हिस्सेदारी बेचने की अटकलें
बाजार की यह सावधानी प्रमोटर्स द्वारा अपनी हिस्सेदारी बेचने की अटकलों के कारण बढ़ी है। रिपोर्ट्स के अनुसार, प्रमोटर्स हिस्सेदारी बेचने के विकल्पों पर विचार कर रहे हैं। हालांकि यह बातचीत शुरुआती दौर में है और गैर-बाध्यकारी है, लेकिन इससे कंपनी की भविष्य की रणनीति और निरंतरता को लेकर अनिश्चितता पैदा हो सकती है।
धीमी क्षमता विस्तार योजना पर चिंता
इसके अलावा, कंपनी की कैपेसिटी एक्सपेंशन (क्षमता विस्तार) की योजना को लेकर भी चिंताएं हैं। कंपनी अब विस्तार को तेज गति से करने के बजाय दो साल की अवधि में चरणों (Phased Approach) में करेगी। यह धीमा तरीका, विशेष रूप से तेजी से बढ़ते स्पेशियलिटी केमिकल सेक्टर में, कुछ निवेशकों को मायूस कर सकता है, क्योंकि नई सुविधाओं को पूरी क्षमता से काम करने में दो साल से अधिक समय लग सकता है।
संस्थागत निवेशकों की बिकवाली
निवेशकों की चिंता को और बढ़ाते हुए, SBI Mutual Fund जैसे संस्थानों ने अपनी हिस्सेदारी कम की है, जिसमें अप्रैल 2026 में SBI MF की हिस्सेदारी 3% से नीचे चली गई।
वैल्यूएशन और सेक्टर आउटलुक
Rossari Biotech का मार्केट कैपिटलाइजेशन फिलहाल ₹2,800-2,850 करोड़ के आसपास है। स्पेशियलिटी केमिकल्स सेक्टर में 3.65% से 4.8% की अनुमानित CAGR ग्रोथ (2033 तक) देखी जा रही है, जो मजबूत घरेलू मांग और वैश्विक सप्लाई चेन में बदलावों से प्रेरित है। हालांकि, इस सेक्टर को भू-राजनीतिक जोखिमों और ऊर्जा लागत की अस्थिरता जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।
विश्लेषकों का नजरिया और भविष्य की योजनाएं
कंपनी इन चुनौतियों से निपटने और नवाचार (Innovation) को बढ़ावा देने के लिए नवी मुंबई में एक नई R&D सुविधा शुरू की है। भविष्य में सऊदी अरब में भी मैन्युफैक्चरिंग सुविधाएं स्थापित करने की योजना है। पिछले एक साल में शेयर में लगभग 24.67% की गिरावट के बावजूद, विश्लेषक कंपनी को लेकर आशावादी बने हुए हैं। उनका औसत 12-महीने का प्राइस टारगेट ₹635-648 है, जो 23% से अधिक की संभावित तेजी का संकेत देता है।
