तिमाही नतीजों में कैसा रहा प्रदर्शन?
Riddhi Siddhi Gluco Biols Limited ने 31 दिसंबर, 2025 को समाप्त हुई तिमाही और नौ महीनों के लिए अपने वित्तीय नतीजे पेश किए हैं। स्टैंडअलोन आधार पर, कंपनी का नेट प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) Q3 FY26 में 66.74% गिरकर ₹886.05 करोड़ रहा, जबकि पिछले साल Q3 FY25 में यह ₹2,660.35 करोड़ था। कंपनी की कुल आय (Total Income) में 11.18% की कमी आई और यह ₹5,355.89 करोड़ पर पहुँच गई। रेवेन्यू फ्रॉम ऑपरेशंस (Revenue from Operations) 1.78% घटकर ₹3,123.92 करोड़ रहा, और 'अदर इनकम' (Other Income) 21.44% नीचे आ गई। बेसिक ईपीएस (Basic EPS) भी ₹37.35 से गिरकर ₹12.43 हो गया।
पिछले नौ महीनों (9M FY26) की बात करें तो, स्टैंडअलोन PAT 39.24% घटकर ₹5,112.98 करोड़ रहा, हालांकि इस दौरान रेवेन्यू फ्रॉम ऑपरेशंस में 170.39% का बड़ा उछाल देखकर यह ₹20,194.52 करोड़ हो गया था। 9M FY26 के लिए बेसिक ईपीएस ₹71.71 दर्ज किया गया, जो पिछले साल ₹118.01 था।
कंसोलिडेटेड नतीजों पर एक नज़र
कंसोलिडेटेड (Consolidated) नतीजों ने भी मुश्किलें दिखाईं। जारी ऑपरेशंस (Continuing Operations) से PAT Q3 FY26 में 97.93% गिरकर सिर्फ ₹39.30 करोड़ रह गया। हालांकि, बंद किए गए ऑपरेशंस (Discontinued Operations) जैसे कि Shree Rama Newsprint Limited के पेपर डिवीजन से होने वाले नुकसान में काफी कमी आई, जिसके चलते Q3 FY26 में कुल कंसोलिडेटेड PAT ₹128.62 करोड़ का घाटा रहा, जो पिछले साल के ₹5,401.72 करोड़ के बड़े घाटे से कम है। 9M FY26 के लिए, जारी ऑपरेशंस से कंसोलिडेटेड PAT 58.06% गिरकर ₹2,532.99 करोड़ रहा, जबकि पूरे कंसोलिडेटेड PAT में ₹2,050.67 करोड़ का मुनाफा हुआ, जो पिछले साल के ₹1,679.71 करोड़ के घाटे की तुलना में एक सुधार है।
मुख्य चिंताएं और जोखिम (Red Flags)
कंपनी के वित्तीय नतीजों में स्टैंडअलोन PAT में भारी गिरावट और कंसोलिडेटेड स्तर पर जारी ऑपरेशंस से लाभ में भारी कमी खास तौर पर चिंताजनक है। इसके अलावा, कंपनी कई रेगुलेटरी और टैक्स संबंधी मुश्किलों का सामना कर रही है:
- सेबी (SEBI) की कार्यवाही: कंपनी सेबी की कार्यवाही में फंसी हुई है, जिसमें एक पेनल्टी जमा की जा चुकी है और मिनिमम पब्लिक शेयरहोल्डिंग (Minimum Public Shareholding) से जुड़ा एक ऑर्डर भी चुनौती के अधीन है।
- टैक्स अपील: इनकम टैक्स अपीलेट ट्रिब्यूनल (Income Tax Appellate Tribunal) में टैक्स संबंधी मामलों को लेकर ₹308 लाख की अपील दायर की गई है, जिसे एक कंटिंजेंट लायबिलिटी (Contingent Liability) माना गया है क्योंकि इसके लिए कोई प्रोविजन (Provision) नहीं किया गया है।
- बंद ऑपरेशंस में नुकसान: बंद किए गए पेपर डिवीजन की संपत्ति के लिए ₹6,956.48 लाख का अतिरिक्त इंपेयरमेंट लॉस (Impairment Loss) दर्ज किया गया है। हालांकि, कंपनी का कहना है कि इससे आगे कोई और नुकसान की उम्मीद नहीं है।
- मैनेजमेंट का कोई मार्गदर्शन नहीं: कंपनी ने भविष्य के लिए कोई आउटलुक (Outlook) या मैनेजमेंट कमेंट्री (Management Commentary) नहीं दी है, जिससे निवेशकों में अनिश्चितता बनी हुई है।
निवेशकों के लिए आगे क्या?
मुनाफे में लगातार गिरावट और रेगुलेटरी व टैक्स से जुड़ी गंभीर देनदारियों के चलते निवेशकों को सावधानी बरतने की जरूरत है। बंद ऑपरेशंस से घाटे में कमी आई है, लेकिन मुख्य बिजनेस की लाभप्रदता पर दबाव दिख रहा है। निवेशकों को सेबी की कार्यवाही और टैक्स अपील के नतीजों पर करीबी नजर रखनी चाहिए, साथ ही कंपनी के भविष्य के परफॉर्मेंस और मैनेजमेंट की ओर से दिए जाने वाले किसी भी अपडेट का इंतजार करना चाहिए। कंपनी के बिजनेस सेगमेंट्स में विंड एनर्जी जनरेशन और कमोडिटी ट्रेडिंग बिजनेस शामिल हैं।