📈 नतीजों का पूरा लेखा-जोखा
Raaj Medisafe India Limited ने Q3 FY26 के लिए अपने वित्तीय नतीजे घोषित किए हैं, जो पहली नजर में काफी मजबूत दिख रहे हैं। कंपनी के ऑपरेशंस से रेवेन्यू में पिछले साल की समान तिमाही (Q3 FY25) के मुकाबले 41.9% का जबरदस्त उछाल देखा गया, जो बढ़कर ₹2,070.68 लाख हो गया। यह पिछली तिमाही (Q2 FY26) के ₹1,840.41 लाख से 12.5% ज्यादा है।
प्रॉफिट की बात करें तो, Profit Before Tax (PBT) में पिछले साल के मुकाबले 44.0% का इजाफा हुआ और यह ₹184.91 लाख रहा। हालांकि, नेट प्रॉफिट में कहानी कुछ और ही बयां करती है, जिसमें पिछले साल के मुकाबले 84.8% की भारी उछाल के साथ ₹189.42 लाख का मुनाफा दर्ज किया गया। यह पिछली तिमाही (Q2 FY26) के ₹172.66 लाख से 9.7% अधिक है। बेसिक अर्निंग्स पर शेयर (Basic EPS) में भी 89.5% की वृद्धि हुई, जो ₹1.44 प्रति शेयर रहा।
पहले नौ महीनों (9MFY26) की बात करें तो, रेवेन्यू 44.5% बढ़कर ₹5,493.78 लाख हो गया, और नेट प्रॉफिट 74.1% बढ़कर ₹461.65 लाख पर पहुंच गया।
⚠️ चिंता की बात: फाइनेंस कॉस्ट में बेतहाशा वृद्धि
जहां एक ओर कंपनी का रेवेन्यू और नेट प्रॉफिट शानदार दिख रहा है, वहीं कुछ चिंताएं भी हैं। सबसे बड़ी चिंता फाइनेंस कॉस्ट (Finance Costs) में हुई भारी बढ़ोतरी है। यह पिछले साल की समान तिमाही के मुकाबले लगभग 167.9% और पिछली तिमाही के मुकाबले 68.8% बढ़ गई है। PBT की ग्रोथ ( 44.0% ) और नेट प्रॉफिट की ग्रोथ ( 84.8% ) के बीच का यह बड़ा अंतर निवेशकों को सोचने पर मजबूर कर रहा है। यह संकेत दे सकता है कि कुछ गैर-ऑपरेटिंग कारणों या टैक्स एडजस्टमेंट ने अंतिम लाभ को प्रभावित किया हो।
31 दिसंबर 2025 तक, कंपनी की नेट वर्थ (Net Worth) करीब ₹3,052.73 लाख थी और बुक वैल्यू पर शेयर (BVPS) ₹23.21 रहा।
📊 सेगमेंट्स का प्रदर्शन
कंपनी मुख्य रूप से दो सेगमेंट्स में काम करती है:
- प्लास्टिक सेगमेंट (Plastic Segment): इस तिमाही में ₹1,423.44 लाख का रेवेन्यू दिया, जबकि 9MFY26 में यह ₹3,459.07 लाख रहा।
- हाइजीन सेगमेंट (Hygiene Segment): इसने Q3 FY26 में ₹653.23 लाख का रेवेन्यू दर्ज किया, और 9MFY26 में ₹2,066.75 लाख का योगदान दिया।
🗓️ मुख्य घटनाएं
कंपनी ने बोर्ड मीटिंग की तारीख में एक टाइपिंग की गलती को सुधारने के लिए एक 'कोरिगेंडम' (Corrigendum) भी जारी किया था, जिसमें तारीख को 11 दिसंबर 2025 से बदलकर 11 फरवरी 2026 कर दिया गया था।
🔍 आगे क्या?
निवेशकों की नजर अब इस बात पर रहेगी कि कंपनी किस तरह अपनी बढ़ती फाइनेंस कॉस्ट को कंट्रोल करती है। साथ ही, नेट प्रॉफिट में असामान्य वृद्धि के कारणों पर स्पष्टता की उम्मीद होगी। मैनेजमेंट की ओर से भविष्य की परफॉर्मेंस को लेकर कोई खास गाइडेंस (Guidance) नहीं दी गई है, जिससे आगे की राह को लेकर थोड़ी अनिश्चितता बनी हुई है।