Q3 FY26 में Paradeep Phosphates का रेवेन्यू 15.21% बढ़कर ₹5,748.67 करोड़ हो गया, जो पिछले साल इसी अवधि में ₹4,989.55 करोड़ था। लेकिन, कंपनी का 'बॉटम लाइन' यानी नेट प्रॉफिट 13.01% गिरकर ₹182.05 करोड़ पर आ गया, जो पिछले साल Q3 में ₹209.28 करोड़ था। इसका असर प्रति शेयर आय (EPS) पर भी दिखा, जो घटकर ₹1.75 रह गया।
वहीं, 9 महीने (9M FY26) की बात करें तो कंपनी का प्रदर्शन काफी मजबूत रहा। इस दौरान रेवेन्यू 34.15% बढ़कर ₹17,124.37 करोड़ और नेट प्रॉफिट में 71.45% का जबरदस्त उछाल आया, जो ₹841.24 करोड़ तक पहुंच गया। 9 महीने की EPS भी सुधरकर ₹8.10 हो गई।
कंपनी के नतीजों पर कुछ खास असर भी हुए हैं। इसमें नए लेबर कोड्स के चलते ₹41.30 करोड़ का एक एक्सेप्शनल आइटम (Exceptional Item) शामिल है। साथ ही, Mangalore Chemicals & Fertilizers (MCFL) और Zuari Agro Chemicals (ZACL) के साथ हुए मर्जर (Amalgamation) के अकाउंटिंग एडजस्टमेंट्स का भी असर नतीजों में दिख रहा है।
निवेशकों के लिए एक अहम बात यह है कि कंपनी ने भविष्य के लिए कोई मैनेजमेंट गाइडेंस (Management Guidance) या आउटलुक (Outlook) जारी नहीं किया है। यह बाजार में कुछ अनिश्चितता पैदा कर सकता है।
तिमाही नतीजों में रेवेन्यू बढ़ने के बावजूद प्रॉफिट गिरने से मार्जिन प्रेशर (Margin Pressure) या कॉस्ट मैनेजमेंट (Cost Management) की चुनौतियों के संकेत मिल रहे हैं। निवेशकों को MCFL और ZACL के इंटीग्रेशन पर नजर रखनी चाहिए।