📉 नतीजों का बड़ा खुलासा
OCCL लिमिटेड ने 31 दिसंबर, 2025 को समाप्त तिमाही और नौ महीनों के लिए अपने अनऑडिटेड फाइनेंशियल नतीजे पेश किए हैं। तीसरी तिमाही (Q3 FY26) में, कंपनी के रेवेन्यू फ्रॉम ऑपरेशन्स में सालाना आधार पर 19% की बढ़त देखी गई, जो ₹114.6 करोड़ रहा। वहीं, EBITDA में 26% का शानदार इजाफा हुआ और यह ₹20.2 करोड़ पर पहुंच गया। EBITDA मार्जिन सुधरकर 17.6% पर आ गए। प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) में 24% की जोरदार वृद्धि दर्ज की गई, जो ₹6.5 करोड़ रहा। PAT मार्जिन बढ़कर 5.7% हो गया।
नौ महीनों (9M FY26) के परफॉरमेंस की बात करें तो, कुल आय ₹358.7 करोड़ और PAT ₹28.4 करोड़ रहा। हालांकि, कंपनी ने साफ किया है कि 1 जुलाई, 2024 से लागू हुए डीमर्जर के कारण ये नौ महीनों के नतीजे पिछले अवधियों से तुलनीय नहीं हैं।
📈 मार्जिन में सुधार और खास वजहें
Q3 FY26 में प्रॉफिटेबिलिटी मेट्रिक्स में सुधार देखा गया। EBITDA मार्जिन 17.6% और PAT मार्जिन 5.7% तक पहुंचे। इस अवधि में लेबर कोड्स के प्रभाव से जुड़े एक एक्सेप्शनल आइटम (exceptional item) के तौर पर ₹3.1 करोड़ को रिकग्नाइज किया गया, जिसने रिपोर्टेड प्रॉफिट को प्रभावित किया।
🚀 मैनेजमेंट की उम्मीदें और चुनौतियां
कंपनी के मैनेजमेंट का कहना है कि ऑटोमोटिव सेक्टर में आ रही रिकवरी उनके लिए बड़ी उम्मीद है। GST में कटौती से इस सेक्टर में मांग बढ़ने की उम्मीद है, जो इंसोलेबल सल्फर (insoluble sulphur) की मांग को भी बढ़ाएगा। इसके अलावा, इंडिया-यूरोप फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (India-EU FTA) और अमेरिका के साथ हालिया ट्रेड डील से भी कंपनी को फायदा होने की संभावना है।
हालांकि, मैनेजमेंट ने यह भी स्वीकार किया है कि सल्फर की कीमतें लगातार ऊंची बनी हुई हैं, जो मार्जिन पर दबाव डाल रही हैं। इन कीमतों को पूरी तरह से कंट्रोल या पास-ऑन न कर पाने की स्थिति में यह एक बड़ी चुनौती बनी रहेगी।
👨💼 नया अपॉइंटमेंट और आगे की राह
इन सब के बीच, कंपनी ने 4 फरवरी, 2026 से मिस्टर रजनीश धीमान को सीनियर मैनेजमेंट पर्सनल (हेड – सेल्स एंड मार्केटिंग) के तौर पर नियुक्त करने की घोषणा की है। मिस्टर धीमान के पास केमिकल्स इंडस्ट्री में 23 साल से ज़्यादा का अनुभव है, जो कंपनी के सेल्स और मार्केटिंग स्ट्रैटेजी को मजबूत करेगा।
निवेशकों को आने वाले समय में सल्फर की कीमतों पर, ऑटो सेक्टर से मांग की रिकवरी पर और इंडिया-ईयू व यूएसए ट्रेड डील्स के असर पर बारीकी से नजर रखनी चाहिए।
