नतीजों की पूरी पड़ताल (The Financial Deep Dive)
Nitta Gelatin India Limited ने FY26 की तीसरी तिमाही (Q3) के लिए शानदार स्टैंडअलोन नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का नेट प्रॉफिट 28% की जोरदार उछाल के साथ ₹310.61 करोड़ पर पहुंच गया। वहीं, कंपनी का स्टैंडअलोन रिवेन्यू 11.19% बढ़कर ₹149.72 करोड़ रहा।
**स्टैंडअलोन प्रदर्शन में क्या रहा खास?
- Q3 FY26 रिवेन्यू: ₹149.72 करोड़, जो पिछले साल की समान अवधि से 11.19% अधिक है।
- Q3 FY26 प्रॉफ़िट बिफोर टैक्स (PBT): ₹405.83 करोड़, इसमें 25.58% की वृद्धि दर्ज की गई।
- Q3 FY26 नेट प्रॉफिट (PAT): ₹310.61 करोड़, जो 27.99% का उछाल दिखाता है।
- Q3 FY26 अर्निंग्स पर शेयर (EPS): ₹34.21 रही, जबकि पिछले साल यह ₹26.73 थी।
नौ महीनों की अवधि के लिए, स्टैंडअलोन रिवेन्यू 7.09% बढ़कर ₹426.57 करोड़ हुआ, जबकि नेट प्रॉफिट (PAT) 21.49% की बढ़त के साथ ₹765.82 करोड़ पर पहुंच गया।
**समेकित (Consolidated) नतीजों पर नजर?
हालांकि, कंपनी के समेकित नतीजों को देखें तो तस्वीर थोड़ी अलग है। तीसरी तिमाही में समेकित रिवेन्यू स्टैंडअलोन की तरह ही ₹149.72 करोड़ रहा, जिसमें 11.19% की वृद्धि हुई। लेकिन समेकित प्रॉफ़िट बिफोर टैक्स (PBT) 7.27% बढ़कर ₹351.33 करोड़ हुआ। वहीं, समेकित नेट प्रॉफिट (PAT) में केवल 3.85% की मामूली बढ़ोतरी हुई और यह ₹256.11 करोड़ दर्ज किया गया।
नौ महीनों के लिए, समेकित PAT में 1.57% की गिरावट आई और यह ₹641.54 करोड़ रहा।
**सब्सिडियरी बंद होने का असर
समेकित नतीजों में यह अंतर मुख्य रूप से सब्सिडियरी Bamni Proteins Limited के स्थायी रूप से बंद होने के कारण है। प्रदूषण नियमों का पालन न कर पाने की वजह से इस इकाई को बंद कर दिया गया है, और इसके एसेट्स को 'बिक्री के लिए रखे गए एसेट्स' (assets held for sale) के तौर पर वर्गीकृत किया गया है।
**अन्य वित्तीय मामले
पिछले साल की इसी अवधि के नतीजों में ₹668.41 लाख का एक असाधारण लाभ (exceptional gain) शामिल था, जो समुद्री भोजन प्रसंस्करण सुविधा (seafood processing facility) की बिक्री से प्राप्त हुआ था।
कंपनी पर कुछ आकस्मिक देनदारियां (contingent liabilities) भी हैं। कस्टम ड्यूटी से जुड़े एक विवाद में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई लंबित है, जिस पर ₹1,819.66 लाख की देनदारी का मामला है, जिसके लिए ₹148.70 लाख का प्रोविजन किया गया है। इसके अलावा, नए श्रम कानूनों के लागू होने से ₹226.33 लाख की अतिरिक्त देनदारी का भी हिसाब जोड़ा गया है।
फिलहाल, कंपनी प्रबंधन की ओर से भविष्य की प्रदर्शन के बारे में कोई स्पष्ट गाइडेंस (guidance) जारी नहीं की गई है। ऐसे में निवेशकों की नजरें स्टैंडअलोन बिजनेस के प्रदर्शन और कस्टम ड्यूटी विवाद जैसे महत्वपूर्ण मामलों के समाधान पर बनी रहेंगी।