जापान की पेंट कंपनी Nippon Paint ने AkzoNobel के डेकोरेटिव पेंट बिजनेस को खरीदने के लिए **$8.6 अरब** का प्रस्ताव दिया है। इससे पहले डच कंपनी ने एक ज्वाइंट बिड को ठुकरा दिया था और अब वह Axalta के साथ मर्जर पर फोकस कर रही है। निवेशक इन डेवलपमेंट पर नजर रख रहे हैं क्योंकि वैश्विक पेंट सेक्टर में लागत बढ़ने के बीच बड़ा कंसोलिडेशन देखने को मिल रहा है।
जापान की दिग्गज कोटिंग्स कंपनी Nippon Paint ने डच निर्माता AkzoNobel के डेकोरेटिव पेंट्स बिजनेस को खरीदने के लिए लगभग $8.6 अरब (करीब €7.5 अरब) की एक नई पेशकश की है। कंपनी का यह कदम पिछले असफल प्रयास के बाद यूरोपीय और वैश्विक बाजारों में अपनी पैठ बढ़ाने का एक नया प्रयास है।
आपको बता दें कि मई में AkzoNobel ने Nippon Paint और अमेरिकी कंपनी Sherwin-Williams की ज्वाइंट बिड को यह कहकर ठुकरा दिया था कि वैल्युएशन (valuation) पर्याप्त नहीं है और कंपनी के ऑपरेशंस को अलग करने में जटिलताएं हैं। अब, Nippon Paint डेकोरेटिव पेंट्स यूनिट, जो कि मशहूर Dulux ब्रांड के पीछे का डिवीजन है, पर फोकस करके अधिग्रहण के लिए एक अधिक लक्षित रणनीति अपना रही है।
AkzoNobel ने इस नवीनतम प्रस्ताव पर सार्वजनिक रूप से कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। कंपनी अभी भी अमेरिकी कोटिंग्स निर्माता Axalta के साथ विलय की अपनी योजना पर कायम है। इस मर्जर की प्रगति कंपनी के लिए एक महत्वपूर्ण घटना है, जिसके लिए शेयरधारकों के वोट 5 अगस्त को निर्धारित हैं। यदि यह मर्जर आगे बढ़ता है, तो यह वैश्विक पेंट उद्योग में प्रमुख खिलाड़ियों के लिए प्रतिस्पर्धा के परिदृश्य को काफी हद तक बदल सकता है।
वैश्विक केमिकल्स और कोटिंग्स सेक्टर इस समय गहन कंसोलिडेशन के दौर से गुजर रहा है। कंपनियां अपनी मार्केट स्केल (market scale) को बेहतर बनाने और बढ़ती कच्ची लागत और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता के दबाव का मुकाबला करने के लिए लगातार मर्जर और अधिग्रहण की तलाश कर रही हैं। इन कदमों का लक्ष्य अक्सर बेहतर ऑपरेशनल एफिशिएंसी (operational efficiency) हासिल करना और उन प्रतिस्पर्धियों के खिलाफ मार्केट शेयर (market share) बचाना होता है जो अपनी उत्पादन क्षमता का विस्तार भी कर रहे हैं।
निवेशकों के लिए, मुख्य बात यह है कि क्या AkzoNobel नई पेशकश का मूल्यांकन करने के लिए अपनी वर्तमान विलय प्रक्रिया को रोकता है या Axalta डील के साथ आगे बढ़ता है। अंतिम निर्णय कंपनी की भविष्य की व्यापार संरचना और पूंजी आवंटन को प्रभावित करेगा। इसके अलावा, विश्लेषक यह भी देख रहे हैं कि पेंट सेक्टर में नियामक प्राधिकरण (regulatory authorities) और शेयरधारक कॉर्पोरेट पुनर्गठन की इस चल रही लहर पर कैसे प्रतिक्रिया करते हैं, क्योंकि ये बदलाव सीधे तौर पर कंपनियों की दीर्घकालिक लाभप्रदता (profitability) और बाजार की स्थिति को प्रभावित कर सकते हैं।
