Neogen Chemicals: दमदार रेवेन्यू के बावजूद प्रॉफिट में 63% की भारी गिरावट! जानिए क्या हुआ?

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AuthorNeha Patil|Published at:
Neogen Chemicals: दमदार रेवेन्यू के बावजूद प्रॉफिट में 63% की भारी गिरावट! जानिए क्या हुआ?
Overview

Neogen Chemicals के निवेशकों के लिए चिंता की खबर है। कंपनी ने Q3 FY26 में जहाँ रेवेन्यू में **9%** की बढ़त दर्ज की, वहीं नेट प्रॉफिट (PAT) में **63%** की भारी गिरावट आई। कंपनी का नेट प्रॉफिट घटकर सिर्फ **₹4 करोड़** रह गया, जबकि रेवेन्यू **₹220 करोड़** तक पहुँचा।

आंकड़े क्या कहते हैं?

Neogen Chemicals ने 31 दिसंबर 2025 को समाप्त तीसरी तिमाही (Q3 FY26) के नतीजे जारी किए हैं। कंपनी का रेवेन्यू साल-दर-साल 9% बढ़कर ₹220 करोड़ पर पहुँच गया। यह बढ़त ऑर्गेनिक केमिकल्स से ₹187 करोड़ (+6%) और इनऑर्गेनिक केमिकल्स से ₹33 करोड़ (+35%) के योगदान से आई।

लेकिन, मुनाफे (PAT) के मोर्चे पर कंपनी को बड़ा झटका लगा। नेट प्रॉफिट में 63% की भारी गिरावट आई, जो पिछले साल की समान तिमाही के ₹10 करोड़ से घटकर सिर्फ ₹4 करोड़ रह गया।

प्रॉफिट में गिरावट की वजह

इस भारी गिरावट की मुख्य वजह बढ़े हुए फाइनेंस कॉस्ट (Finance Cost) रहे। ये लागतें साल-दर-साल 60% बढ़कर ₹21.51 करोड़ हो गईं। ऐसा Dahej प्लांट के पुनर्निर्माण और Neogen Ionics (बैटरी केमिकल यूनिट) के विस्तार के लिए किए गए कैपिटल एक्सपेंडिचर (Capital Expenditure) के चलते हुआ।

EBITDA में भी 8% की गिरावट देखी गई, जो ₹31.9 करोड़ रहा। मार्जिन्स भी घटकर 14.5% पर आ गए, जो पिछले साल इसी तिमाही में 17.2% थे।

कंपनी के मैनेजमेंट का कहना है कि Neogen Ionics को तैयार करने और Dahej में आग लगने के बाद हुई अंतरिम व्यवस्था (Interim Toll Manufacturing) जैसी अस्थायी परिचालन लागतों (Operational Expenses) ने नतीजों पर असर डाला।

Dahej प्लांट पर अपडेट

5 मार्च 2025 को Dahej SEZ प्लांट में लगी आग के बाद से कंपनी रिकवरी पर काम कर रही है। दिसंबर 2025 तक, Neogen को ₹83.48 करोड़ का बीमा क्लेम (Insurance Claim) मिल चुका है, और कुल ₹251.12 करोड़ का क्लेम बाकी है।

Dahej प्लांट का पुनर्निर्माण तेजी से हो रहा है और इसके Q1 FY27 तक शुरू होने की उम्मीद है। उत्पादन में बाधा को दूर करने के लिए, अंतरिम उत्पादन कंपनी की अन्य साइट्स पर शिफ्ट कर दिया गया है।

बैटरी केमिकल्स में बड़ा दांव

Neogen केमिकल्स तेजी से बढ़ रहे बैटरी केमिकल सेक्टर में अपनी पैठ मजबूत कर रहा है। कंपनी ने जापान की Morita Investment Limited के साथ मिलकर 'Neogen Morita New Materials Limited' नाम की एक नई JV (Joint Venture) बनाई है। इसमें Neogen की 80% हिस्सेदारी है।

यह JV, proven जापानी टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करके LiPF6 सॉल्ट का उत्पादन करेगी और भारत का एकमात्र नॉन-FEOC कंप्लायंट इलेक्ट्रोलाइट सॉल्ट प्लांट बनने की राह पर है।

इसके अलावा, Pakhajan ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट के तहत H1 FY27 तक इलेक्ट्रोलाइट और H2 FY27 तक इलेक्ट्रोलाइट सॉल्ट का कमर्शियल प्रोडक्शन शुरू करने का लक्ष्य है। एक बड़े भारतीय बैटरी मैन्युफैक्चरर से कंपनी को पहले ही सप्लाई का अप्रूवल मिल चुका है।

कंपनी का अनुमान है कि 2027 तक बैटरी केमिकल्स से रेवेन्यू ₹400-500 करोड़ तक पहुँच जाएगा।

अन्य बिज़नेस और फंड की तैयारी

CDMO और एडवांस्ड इंटरमीडिएट्स सेगमेंट में कंपनी FY26 तक ₹950 करोड़ का रन-रेट हासिल करने का लक्ष्य लेकर चल रही है।

दिसंबर 2025 तक, Neogen पर कुल ₹1,175 करोड़ का नेट डेट (Net Debt) है, और डेट-टू-इक्विटी रेशियो (Debt to Equity Ratio) 1.55x है।

आने वाले 6 महीनों में, कंपनी को बीमा क्लेम, Morita JV इन्वेस्टमेंट और प्रमोटर प्रेफरेंशियल इश्यू से लगभग ₹550 करोड़ मिलने की उम्मीद है, जिससे फंड की स्थिति मजबूत होगी।

आगे का रास्ता

बैटरी केमिकल्स की ओर रणनीतिक कदम ग्रोथ के बड़े अवसर पेश कर रहा है। हालांकि, नए प्लांट को शुरू करने और सप्लाई एग्रीमेंट हासिल करने में एक्जीक्यूशन रिस्क (Execution Risk) बने हुए हैं। कॉम्पिटिशन भी बढ़ रहा है। कंपनी के लिए अपने बढ़ते डेट लेवल को मैनेज करना और नई कैपेसिटी को सफलतापूर्वक बढ़ाना महत्वपूर्ण होगा। कंपनी का भविष्य बैटरी केमिकल सेगमेंट के विस्तार पर निर्भर करेगा।

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