NGL Fine-Chem का शेयर रॉकेट! 43% रेवेन्यू ग्रोथ और 1129% उछला मुनाफा

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AuthorNeha Patil|Published at:
NGL Fine-Chem का शेयर रॉकेट! 43% रेवेन्यू ग्रोथ और 1129% उछला मुनाफा
Overview

NGL Fine-Chem के निवेशकों के लिए अच्छी खबर है! कंपनी ने तीसरी तिमाही (Q3 FY26) में ज़बरदस्त परफॉरमेंस दिखाते हुए अपने रेवेन्यू में **43.11%** की शानदार ईयर-ऑन-ईयर (YoY) ग्रोथ दर्ज की है, जो **₹127.51 करोड़** रहा। वहीं, नेट प्रॉफिट (PAT) में तो जैसे आग लग गई, यह **1129.12%** बढ़कर **₹15.69 करोड़** पर पहुंच गया।

मुनाफे और रेवेन्यू में तूफानी उछाल का कारण

कंपनी के लेटेस्ट नतीजों के अनुसार, इस तिमाही में वॉल्यूम में बढ़ोतरी और ऑपरेशनल एफिशिएंसी (operational efficiencies) ने मिलकर कमाल कर दिया। EBITDA मार्जिन में 1178 बेसिस पॉइंट्स (basis points) की जबरदस्त बढ़ोतरी हुई, जो अब 17.50% हो गया है।

Q3 FY26 के मुख्य आंकड़े:

  • रेवेन्यू: कंपनी का ऑपरेशंस से रेवेन्यू पिछले साल की इसी तिमाही के मुकाबले 43.11% बढ़कर ₹127.51 करोड़ रहा। वहीं, नौ महीनों (9M FY26) के लिए रेवेन्यू 28.74% बढ़कर ₹351.89 करोड़ हो गया।
  • प्रॉफिटेबिलिटी: EBITDA में 337.81% का शानदार उछाल आया और यह ₹22.31 करोड़ पर पहुंच गया। नेट प्रॉफिट (PAT) तो 1129.12% की छलांग लगाकर ₹15.69 करोड़ पर आ गया। 9M FY26 के लिए PAT 70.16% बढ़कर ₹34.56 करोड़ पर रहा।
  • इसके अलावा, 'Other Income' में भी पिछले साल की तुलना में अच्छी खासी बढ़ोतरी देखी गई, जिसने बॉटम लाइन को और मजबूत किया।

विस्तार का प्लान और आगे की राह

कंपनी मैनेजमेंट के अनुसार, देश-विदेश में मांग मजबूत बनी हुई है। अब सारा फोकस ₹210 करोड़ के फेज II एक्सपेंशन प्रोजेक्ट (expansion project) पर है। इसे Q1 FY27 तक चालू करने और H2 FY27 से प्रोडक्शन शुरू करने का लक्ष्य है। इस प्रोजेक्ट से कंपनी की एसेट टर्नओवर (asset turnover) दो गुना से भी ज्यादा होने की उम्मीद है। कंपनी ने कंट्रोल्ड मार्केट्स (controlled markets) के लिए कई रेगुलेटरी फाइलिंग्स (regulatory filings) में भी बड़ी प्रगति की है, जिससे नए ग्रोथ के रास्ते खुलेंगे।

फाइनेंशियल डीप डाइव:

  • बैलेंस शीट: H1 FY26 तक, कंपनी की कुल इक्विटी और लायबिलिटीज़ ₹484.12 करोड़ रही, जो FY25 के ₹433.39 करोड़ से ज्यादा है। नेट ब्लॉक (Net Block) ₹169.73 करोड़ हो गया है, जो प्रोडक्टिव एसेट्स में लगातार निवेश को दिखाता है। हालांकि, कुल बोरिंग्स (borrowings) भी बढ़कर ₹88.21 करोड़ हो गई हैं, जो FY25 के ₹73.16 करोड़ से अधिक है।
  • कैश फ्लो: H1 FY26 में ऑपरेटिंग एक्टिविटीज से कैश फ्लो घटकर ₹16.77 करोड़ रह गया, जो FY25 के ₹35.82 करोड़ से कम है। वहीं, कैपिटल एक्सपेंडिचर (capital expenditure) के लिए खर्च H1 FY26 में ₹14.37 करोड़ रहा।

निवेशकों के लिए:

एक्सपेंशन प्रोजेक्ट के लिए बढ़ते डेट (debt) और घटते ऑपरेटिंग कैश फ्लो पर निवेशकों को नज़र रखनी चाहिए। कंपनी की भविष्य की सफलता इस प्रोजेक्ट के समय पर पूरा होने और रेगुलेटरी अप्रूवल (regulatory approvals) मिलने पर निर्भर करेगी।

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