📉 नतीजों का ब्योरा
Kamdhenu Ventures Limited ने 31 दिसंबर, 2025 को समाप्त हुई तीसरी तिमाही (Q3 FY26) और नौ महीने (9M FY26) के लिए अपने वित्तीय नतीजे पेश किए हैं। कंपनी को मौजूदा चुनौतीपूर्ण कारोबारी माहौल का सामना करना पड़ रहा है, जिसके चलते कंपनी के प्रदर्शन पर असर देखा गया है।
नौ महीनों (9M FY26) के आंकड़े:
कंपनी का रेवेन्यू (Revenue) पिछले साल के ₹183.3 करोड़ की तुलना में 7% घटकर ₹170.3 करोड़ रहा। EBITDA ₹11.0 करोड़ पर स्थिर रहा, मार्जिन 6.5% पर बना रहा। हालांकि, प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) में 40% की भारी गिरावट आई और यह ₹4.8 करोड़ से घटकर ₹2.9 करोड़ रह गया।
तीसरी तिमाही (Q3 FY26) के आंकड़े:
इस तिमाही में रेवेन्यू (Revenue) पिछले साल की ₹74.0 करोड़ की तुलना में 15% गिरकर ₹63.2 करोड़ पर आ गया। EBITDA ₹4.0 करोड़ दर्ज किया गया, जिससे मार्जिन 6.3% रहा। वहीं, PAT की बात करें तो यह पिछले साल की ₹2.0 करोड़ की तुलना में आधा होकर ₹1.0 करोड़ पर पहुंच गया।
🤔 गिरावट की वजहें
कंपनी के मैनेजमेंट का कहना है कि मौजूदा चुनौतीपूर्ण बाजार, बढ़ी हुई प्रतिस्पर्धा और कमजोर उपभोक्ता मांग के कारण बिक्री की मात्रा में कमी आई है। इसके अलावा, लंबी मॉनसून की अवधि और जल्दी आए दिवाली के त्योहारों को भी बिक्री पर असर डालने वाले कारकों के रूप में बताया गया है।
🚀 आगे की राह और फंड जुटाने की योजना
Kamdhenu Ventures अब प्रीमियम उत्पादों पर ध्यान केंद्रित कर रही है और हाई-मार्जिन वाले वुड-फिनिशिंग पोर्टफोलियो को पेश करने की योजना बना रही है। कंपनी ग्रामीण बाजारों में अपनी मजबूत पकड़ बनाए रखने और वहां मांग बढ़ने की उम्मीद कर रही है।
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि कंपनी ने फरवरी 2026 में ₹20 करोड़ तक की राशि जुटाने के लिए इक्विटी शेयर और वॉरंट्स के प्रेफरेंशियल इश्यू (Preferential Issue) को मंजूरी दे दी है। इस फंड का इस्तेमाल नए, हाई वैल्यू-एडेड कैटेगरी में ग्रोथ को बढ़ावा देने के लिए किया जाएगा।
🚩 जोखिम और भविष्य
जहां कंपनी की प्रीमियम और ग्रामीण बाजारों पर रणनीति सकारात्मक है, वहीं मौजूदा चुनौतीपूर्ण बाजार स्थितियां और प्रतिस्पर्धा का दबाव चिंता का विषय बने हुए हैं। अपनी विकास योजनाओं को गति देने के लिए यह फंड जुटाना अहम होगा। निवेशकों की नजरें इस बात पर रहेंगी कि कंपनी इन मुश्किलों के बावजूद अपनी रणनीतियों को किस तरह लागू करती है और बिक्री व मुनाफे में सुधार ला पाती है। हाल ही में शेयर का 52-सप्ताह के निचले स्तर को छूना भी चिंताजनक है।
