Jubilant Ingrevia ने शानदार दूसरी तिमाही के नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का नेट प्रॉफिट **60%** बढ़कर **₹111.43 करोड़** हो गया है, जबकि रेवेन्यू **₹1,394.23 करोड़** रहा। इसके साथ ही कंपनी ने ZettaOne Technologies में **40%** हिस्सेदारी खरीदकर इलेक्ट्रॉनिक्स सॉफ्टवेयर कारोबार में कदम रखने का ऐलान किया है।
दमदार वित्तीय प्रदर्शन
Jubilant Ingrevia Limited के लिए दूसरी तिमाही काफी मजबूत रही है। कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट पिछले साल की समान तिमाही के ₹69.47 करोड़ से बढ़कर इस बार ₹111.43 करोड़ पर पहुंच गया है। ऑपरेशन से रेवेन्यू भी सालाना आधार पर ₹1,120.73 करोड़ से बढ़कर ₹1,394.23 करोड़ हो गया है। हालांकि कंपनी के कुल खर्च ₹1,255.25 करोड़ तक रहे, लेकिन कुशल प्रबंधन के चलते मुनाफा बढ़ाने में कंपनी सफल रही।
नई बिजनेस स्ट्रैटेजी
नतीजों के साथ ही कंपनी ने एक बड़ा बदलाव किया है। Jubilant Ingrevia ने ZettaOne Technologies में 40% हिस्सेदारी हासिल करने का समझौता किया है। ZettaOne मुख्य रूप से 'इलेक्ट्रॉनिक डॉक्यूमेंट मैनेजमेंट सिस्टम' के क्षेत्र में काम करती है। कंपनी का मानना है कि यह कदम उसे सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स इंडस्ट्री में एक मजबूत पकड़ बनाने में मदद करेगा, जिससे वह अपने केमिकल बिजनेस के साथ-साथ टेक्नोलॉजी सेक्टर में भी वैल्यू क्रिएट कर सकेगी।
'पिनेकल' (Pinnacle) का असर
कंपनी के चेयरमैन श्याम एस. भरतिया ने इस सफलता का श्रेय अपनी इंटरनल स्ट्रैटेजी 'पिनेकल' को दिया है। इस स्ट्रैटेजी का मुख्य फोकस कॉस्ट मैनेजमेंट और ऑपरेशंस को स्ट्रीमलाइन करना है। बीते 3 साल में कंपनी का क्वार्टरली EBITDA दोगुना से अधिक हुआ है। इस फाइनेंशियल ईयर की पहली छमाही में रेवेन्यू 25% और EBITDA 44% बढ़ा है, जो कंपनी की कोर ऑपरेशन्स में दक्षता को दर्शाता है।
निवेशकों के लिए सबक
केमिकल सेक्टर से सॉफ्टवेयर और इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे हाई-टेक क्षेत्र में कदम रखना कंपनी के लिए एक बड़ा बदलाव है। निवेशकों की नजर अब इस बात पर होगी कि कंपनी कैसे केमिकल बिजनेस की विशेषज्ञता को टेक्नोलॉजी के साथ जोड़ती है और क्या यह नया निवेश भविष्य में मार्जिन पर सकारात्मक प्रभाव डाल पाएगा या नहीं।
