मजबूत नतीजे और विस्तार की योजना
Himadri Specialty Chemical ने FY26 की चौथी तिमाही में दमदार प्रदर्शन किया है। कंपनी का ग्रॉस प्रॉफिट पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 28.3% बढ़कर ₹12,877.6 मिलियन रहा। हालांकि, ₹0.4 बिलियन के फॉरेक्स लॉस ने EBITDA को थोड़ा प्रभावित किया। पूरे फाइनेंशियल ईयर 2026 के लिए कंपनी का कुल रेवेन्यू ₹46,607 मिलियन रहा। मैनेजमेंट को उम्मीद है कि FY27 में नए कमीशन किए गए स्पेशियलिटी कार्बन ब्लैक प्लांट का पूरा फायदा मिलेगा।
कंपनी विस्तार की योजनाओं पर भी तेजी से काम कर रही है। Q3 FY27 तक एक नया केमिकल्स प्लांट शुरू होने की उम्मीद है। साथ ही, FY28 से बैटरी मैटेरियल्स सेगमेंट में पायलट प्लांट के जरिए भविष्य के कॉन्ट्रैक्ट हासिल करने की तैयारी है। एक बड़ी फाइनेंशियल हाईलाइट यह है कि 31 मार्च 2026 तक कंपनी की बैलेंस शीट मजबूत होकर ₹1.21 बिलियन की नेट कैश पोजीशन पर पहुंच गई है, जिससे भविष्य के निवेशों के लिए अच्छी फाइनेंशियल फ्लेक्सिबिलिटी मिली है।
प्रीमियम वैल्यूएशन और एनालिस्ट्स की चिंताएं
इन सकारात्मक नतीजों और विस्तार योजनाओं के बावजूद, ज्यादातर एनालिस्ट्स ने स्टॉक पर सतर्क 'होल्ड' (HOLD) रेटिंग बरकरार रखी है। ICICI Securities ने FY27/28 के लिए EBITDA अनुमानों को 16-25% तक बढ़ाया है और टारगेट प्राइस को ₹470 से बढ़ाकर ₹550 कर दिया है। ऐसा कोर बिजनेस पर 15x EV/EBITDA मल्टीपल लगाकर किया गया है।
हालांकि, अन्य एनालिस्ट्स के कंसेंसस टारगेट अभी भी मौजूदा ट्रेडिंग लेवल (लगभग ₹570-600) से नीचे ₹470 के आसपास हैं। Himadri Specialty Chemical का TTM P/E रेश्यो 37x से भी ऊपर है, जो ग्लोबल पीयर्स जैसे Cabot Corporation (लगभग 13.25x) और Reliance Industries (लगभग 22-24x) की तुलना में काफी ज्यादा है। यह प्रीमियम वैल्यूएशन बताता है कि कंपनी की ग्रोथ का बड़ा हिस्सा पहले से ही स्टॉक प्राइस में शामिल है, जिससे मौजूदा लेवल से और तेजी की गुंजाइश कम हो सकती है। पिछले साल मार्च 2026 में MarketsMOJO ने भी टेक्निकल इंडिकेटर्स को देखते हुए 'सेल' (Sell) रेटिंग दी थी।
जोखिम: एग्जीक्यूशन और मैक्रो प्रेशर
कई फैक्टर भविष्य को लेकर सतर्कता बरतने की वजह बन रहे हैं। Q4 FY26 में कंपनी के ऑपरेटिंग प्रॉफिट मार्जिन (अन्य आय को छोड़कर) घटकर 18.77% रह गए, जो पिछले साल 20.56% थे। यह कॉस्ट प्रेशर की ओर इशारा करता है। इसके अलावा, Q4 FY26 में इंटरेस्ट बर्डन लगभग दोगुना होकर ₹17.39 करोड़ हो गया, जिसने इंटरेस्ट कवरेज रेश्यो को प्रभावित किया।
एनालिस्ट्स कंपनी के एंबिशियस एक्सपेंशन प्लान के लिए कर्ज पर निर्भरता को लेकर भी चिंतित हैं, खासकर अगर प्रॉफिटेबिलिटी में कमी आती है। मिडिल ईस्ट क्राइसिस जैसी जियोपॉलिटिकल अनिश्चितताएं भी चिंता बढ़ा रही हैं। भले ही कंपनी का मैनेजमेंट कहता है कि वे संघर्ष से अप्रभावित हैं, लेकिन नैफ्था, एथिलीन और बेंजीन जैसी कमोडिटी केमिकल्स की इनपुट कॉस्ट बढ़ गई है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज जैसे शिपिंग रूट्स में बाधाओं के कारण फ्रेट और इंश्योरेंस का खर्च भी बढ़ा है। इन सब वजहों से रॉ मटेरियल प्राइस और लॉजिस्टिक्स में वोलाटिलिटी बढ़ गई है, जो केमिकल मैन्युफैक्चरर्स के मार्जिन पर सीधा असर डालती है। Q4 FY26 में आया ₹0.4 बिलियन का फॉरेक्स लॉस इन एक्सटर्नल इकोनॉमिक प्रेशर का एक बड़ा उदाहरण है।
सेक्टर पोजीशन और ग्रोथ की संभावनाएं
वैल्यूएशन कंसर्न और मैक्रो रिस्क के बावजूद, Himadri Specialty Chemical भारत के बढ़ते स्पेशियलिटी केमिकल्स मार्केट में एक मजबूत पोजीशन पर है, जिसके 2034 तक $93.4 बिलियन तक पहुंचने का अनुमान है। कंपनी अपनी स्पेशियलिटी कार्बन ब्लैक कैपेसिटी को काफी बढ़ा रही है, जो 250,000 MTPA की कुल क्षमता के साथ दुनिया की सबसे बड़ी सिंगल-लोकेशन फैसिलिटी होने का दावा करती है। यह विस्तार बैटरी, प्लास्टिक और कंडक्टिव मैटेरियल्स जैसे हाई-वैल्यू एप्लीकेशन्स को टारगेट कर रहा है।
बैटरी मैटेरियल्स में इसका प्रवेश, जिसमें एक एनोड प्रोडक्शन फैसिलिटी और FY28 से LFP कैथोड एक्टिव मैटेरियल प्रोजेक्ट की योजनाएं शामिल हैं, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स और एनर्जी स्टोरेज की ओर बढ़ते ग्लोबल ट्रेंड के अनुरूप है। Himadri भारत के कोल टार पिच मार्केट में भी डोमिनेंट पोजीशन रखता है और नैफ्थेलीन व SNF में एक प्रमुख प्लेयर है। पिछले एक साल में कंपनी के स्टॉक ने 26.21% का रिटर्न दिया है, जिसने ब्रॉडर मार्केट को पीछे छोड़ दिया है। यह निवेशकों का इसके लॉन्ग-टर्म ग्रोथ नैरेटिव पर भरोसा दिखाता है। हालांकि, एनालिस्ट्स इसके मौजूदा वैल्यूएशन को लेकर सतर्क रुख अपनाए हुए हैं।
