Himadri Speciality Chemical ने बैटरी मटीरियल बिजनेस के लिए अपना रोडमैप जारी किया है। कंपनी **2032** तक इस सेगमेंट से **₹30,000 करोड़** का रेवेन्यू हासिल करने का लक्ष्य रख रही है। इस बदलाव के लिए कंपनी अगले दो वर्षों में **₹2,800 करोड़** का निवेश करेगी, जो पूरी तरह से इंटरनल कैश से जुटाया जाएगा।
बड़ा स्ट्रैटेजिक शिफ्ट
कार्बन ब्लैक और इंडस्ट्रियल केमिकल्स में अपनी पहचान बनाने के बाद, Himadri Speciality Chemical Ltd (HSCL) अब पूरी तरह से एनर्जी स्टोरेज सेक्टर की ओर शिफ्ट हो रही है। कंपनी का मुख्य फोकस अब लिथियम आयरन फॉस्फेट (LFP) कैथोड और कार्बन नैनो ट्यूब जैसे एडवांस्ड मटीरियल्स पर है।
निवेश और फंडिंग प्लान
ग्रोथ को रफ्तार देने के लिए कंपनी ने कैपेक्स (Capex) प्लान तैयार किया है। कंपनी FY27 में ₹1,300 करोड़ और FY28 में ₹1,500 करोड़ का निवेश करेगी। सबसे बड़ी राहत निवेशकों के लिए यह है कि कंपनी इस निवेश के लिए किसी अतिरिक्त कर्ज (Debt) का सहारा नहीं ले रही है, बल्कि अपने इंटरनल कैश फ्लो का इस्तेमाल करेगी, जिससे बैलेंस शीट मजबूत बनी रहेगी।
ग्लोबल विस्तार और पार्टनरशिप
कंपनी अपनी ग्लोबल पहुंच बढ़ाने के लिए दुबई में अपनी सब्सिडियरी 'Ardent Impex FZCO' के जरिए काम कर रही है। इसके अलावा, कंपनी ने इंटरनेशनल बैटरी कंपनी (IBC) में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाकर 20.47% कर ली है और ऑस्ट्रेलियाई फर्म Sicona Battery Technologies के साथ भी पार्टनरशिप को गहरा किया है।
फाइनेंशियल हेल्थ
कंपनी के हालिया नतीजे भी काफी दमदार रहे हैं। FY27 की पहली तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू ₹1,432 करोड़ रहा है, जो सालाना आधार पर 28% का इजाफा दिखाता है। वहीं, कंपनी का EBITDA ₹313 करोड़ दर्ज किया गया है।
चुनौतियां और जोखिम
हालांकि, चुनौतियां भी कम नहीं हैं। नई तकनीकों को कमर्शियल स्केल पर उतारना और ग्लोबल EV डिमांड में उतार-चढ़ाव कंपनी के बिजनेस पर असर डाल सकते हैं। निवेशकों को अब कंपनी द्वारा समय पर कैपेसिटी कमीशन करने और बड़े ग्लोबल मैन्युफैक्चरर्स के साथ कॉन्ट्रैक्ट्स पर नजर रखनी चाहिए।
