महासिक्री प्लांट बना ग्लोबल लीडर
Himadri Speciality Chemical Ltd ने 24 फरवरी 2026 से अपने महासिक्री (पश्चिम बंगाल) स्थित प्लांट में स्पेशलिटी कार्बन ब्लैक (Speciality Carbon Black) की 70,000 MTPA अतिरिक्त क्षमता के कमर्शियल ऑपरेशन की शुरुआत की घोषणा की है। इस महत्वपूर्ण विस्तार के साथ, कंपनी की कुल कार्बन ब्लैक उत्पादन क्षमता अब बढ़कर 2,50,000 MTPA हो गई है। महासिक्री साइट पर स्पेशलिटी कार्बन ब्लैक की क्षमता 1,30,000 MTPA तक पहुँच गई है, जिसने इसे दुनिया का सबसे बड़ा सिंगल-लोकेशन स्पेशलिटी कार्बन ब्लैक मैन्युफैक्चरिंग हब बना दिया है।
यह क्यों मायने रखता है?
यह नई क्षमता शुरू होना Himadri के ग्रोथ प्लान में एक बड़ा कदम है, जो इसे हाई-वैल्यू स्पेशलिटी कार्बन सेगमेंट में एक मजबूत पोजीशन देता है। स्पेशलिटी कार्बन ब्लैक उन एप्लीकेशन्स के लिए महत्वपूर्ण है जिनमें एडवांस्ड प्रॉपर्टीज की ज़रूरत होती है, जैसे कंडक्टिविटी, यूवी प्रोटेक्शन और बेहतर कलर स्ट्रेंथ। इसका इस्तेमाल एडवांस्ड मैटेरियल्स, हाई-परफॉरमेंस कोटिंग्स और लिथियम-आयन बैटरीज जैसे एनर्जी स्टोरेज सॉल्यूशंस में होता है। यह कदम कंपनी के स्पेशलिटी पोर्टफोलियो को मजबूत करने और भविष्य में रेवेन्यू ग्रोथ को बढ़ाने के उद्देश्य के अनुरूप है, जिससे खासकर यूरोप जैसे इंटरनेशनल मार्केट्स से बढ़ती मांग का फायदा मिल सकता है।
डेवलपमेंट की कहानी
यह ऑपरेशनल माइलस्टोन 25 अप्रैल 2024 को कंपनी के बोर्ड द्वारा ₹220 करोड़ के अनुमानित कैपिटल एक्सपेंडिचर पर 70,000 MTPA स्पेशलिटी कार्बन ब्लैक लाइन के ब्राउनफील्ड विस्तार को मंजूरी देने के बाद आया है। यह प्रोजेक्ट घोषणा के 18 महीने के भीतर ऑपरेशनल होने वाला था। इस विस्तार के लिए ट्रायल प्रोडक्शन जनवरी 2026 में ही शुरू हो गया था, जिसके बाद अब फुल कमर्शियल ऑपरेशन्स शुरू हो गए हैं।
अब क्या बदलेगा?
- शेयरहोल्डर्स को Himadri Speciality Chemical की बढ़ी हुई मैन्युफैक्चरिंग क्षमता से फायदा होगा, जो इसे स्पेशलिटी कार्बन ब्लैक में सिंगल साइट पर ग्लोबल लीडर बनाती है।
- कंपनी की कुल कार्बन ब्लैक प्रोडक्शन कैपेसिटी में काफी वृद्धि हुई है, जिससे मार्केट की मांग को पूरा करने की इसकी क्षमता में सुधार हुआ है।
- मजबूत स्पेशलिटी पोर्टफोलियो से प्रॉफिटेबिलिटी और रेवेन्यू ग्रोथ में सकारात्मक योगदान की उम्मीद है।
- Himadri हाई-परफॉरमेंस कार्बन ब्लैक प्रोडक्ट्स की बढ़ती ग्लोबल डिमांड का फायदा उठाने के लिए बेहतर स्थिति में है।