Himadri Speciality Chemicals ने कार्बन नैनोट्यूब (CNT) और सुपर स्पेशियलिटी कार्बन ब्लैक (SSCB) के उत्पादन के लिए ₹240 करोड़ के बड़े निवेश का ऐलान किया है। इस कदम से कंपनी का लक्ष्य हाई-ग्रोथ वाले लिथियम-आयन बैटरी और इलेक्ट्रॉनिक्स मार्केट में अपनी पैठ मजबूत करना है।
Himadri Speciality Chemicals का फ्यूचर प्लान
Himadri Speciality Chemicals Ltd. (HSCL) अपने प्रोडक्शन कैपेसिटी को बढ़ाने के लिए तैयार है। कंपनी हाई-वैल्यू कार्बन प्रोडक्ट्स के लिए ₹240 करोड़ का भारी निवेश कर रही है। इस फंड का ₹70 करोड़ एक नई कार्बन नैनोट्यूब (CNT) फैसिलिटी के लिए और ₹170 करोड़ सुपर स्पेशियलिटी कार्बन ब्लैक (SSCB) कैपेसिटी डेवलप करने के लिए इस्तेमाल किए जाएंगे। इन प्रोजेक्ट्स का मकसद लिथियम-आयन बैटरी, सेमीकंडक्टर और स्पेशियलिटी प्लास्टिक जैसे एडवांस्ड इंडस्ट्रीज के सप्लाई चेन में गहराई तक उतरना है।
प्रोजेक्ट टाइमलाइन और कैपेसिटी
कार्बन नैनोट्यूब (CNT) प्रोजेक्ट, जिसकी कैपेसिटी 200 मीट्रिक टन प्रति वर्ष (MTPA) होगी, इसी फाइनेंशियल ईयर की चौथी तिमाही तक तैयार हो जाने की उम्मीद है। वहीं, सुपर स्पेशियलिटी कार्बन ब्लैक (SSCB) वेंचर एक लंबे समय का प्रोजेक्ट है, जिसके चालू होने की उम्मीद फाइनेंशियल ईयर 2028 की चौथी तिमाही तक है। यह SSCB फैसिलिटी कंपनी के मौजूदा कार्बन ब्लैक आउटपुट का 6,000 टन प्रति वर्ष इस्तेमाल करेगी, जो प्रीमियम और हाई-मार्जिन एप्लीकेशन्स पर फोकस करने की एक स्ट्रैटेजिक मूव को दर्शाता है।
स्ट्रैटेजिक शिफ्ट और फाइनेंशियल परफॉर्मेंस
यह विस्तार कंपनी के लिए ग्रोथ के दौर के बाद आया है। जून तिमाही में, Himadri ने 27% का उछाल दर्ज करते हुए ₹228 करोड़ का नेट प्रॉफिट रिपोर्ट किया था, जबकि रेवेन्यू 28% बढ़कर ₹1,432 करोड़ हो गया था। कंपनी का मैनेजमेंट कह रहा है कि एनर्जी मैटेरियल्स की ओर यह कदम क्लीनर एनर्जी और हाई-परफॉरमेंस इलेक्ट्रॉनिक्स की ओर ग्लोबल शिफ्ट का फायदा उठाने के लिए उठाया गया है। कंपनी इन सेगमेंट्स से महत्वपूर्ण रेवेन्यू ग्रोथ का लक्ष्य रख रही है, जिससे FY28 तक कुल ₹1,100 करोड़ के नेट प्रॉफिट टारगेट में योगदान मिलेगा।
निवेशकों के लिए ध्यान देने वाली बातें
हालांकि यह विस्तार हाई-वैल्यू प्रोडक्ट्स की ओर एक कदम दिखाता है, लेकिन इससे कैपिटल स्पेंडिंग भी बढ़ जाती है। निवेशक यह ट्रैक कर सकते हैं कि कंपनी इन प्रोजेक्ट कॉस्ट्स को झेलते हुए अपने प्रॉफिट मार्जिन को कैसे बनाए रखती है। CNT और SSCB वेंचर्स की सफलता काफी हद तक कंपनी की इन टेक्नोलॉजी-इंटेंसिव प्रोजेक्ट्स को समय पर पूरा करने और हाई-टेक इंडस्ट्रीज से लॉन्ग-टर्म डिमांड सुरक्षित करने की क्षमता पर निर्भर करती है। इसके अलावा, चूंकि कंपनी एक ऐसे सेक्टर में काम करती है जो ग्लोबल कमोडिटी साइकिल्स और रॉ मटेरियल कॉस्ट्स से प्रभावित होता है, इसलिए ऑपरेशनल एफिशिएंसी बनाए रखना महत्वपूर्ण बना हुआ है। आने वाली तिमाहियों में CNT फैसिलिटी के सफल कमीशनिंग और इन नई प्रोडक्ट लाइन्स के लिए ऑर्डर बुकिंग से संबंधित मैनेजमेंट के अपडेट्स पर नजर रखना अहम होगा।
