Himadri Speciality Chemical ने अपनी ग्रोथ स्ट्रेटेजी का खुलासा किया है। कंपनी ने FY28 तक अपना मुनाफा बढ़ाकर **₹1,100 करोड़** से ज्यादा करने का लक्ष्य रखा है, जिसके लिए **₹2,000 करोड़** का बड़ा निवेश किया जाएगा।
मुनाफे की नई उड़ान
कंपनी ने अपने भविष्य के रोडमैप पर से पर्दा उठा दिया है। कंपनी ने FY26 में ₹750 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया था और अब इसे FY28 तक ₹1,100 करोड़ के पार ले जाने की तैयारी है। कंपनी अब कमोडिटी केमिकल के बजाय हाई-मार्जिन एडवांस्ड मैटेरियल्स और इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) सेक्टर पर अपना पूरा फोकस शिफ्ट कर रही है।
कैसे जुटाएगी कंपनी फंड?
सबसे राहत भरी बात निवेशकों के लिए यह है कि ₹2,000 करोड़ का निवेश पूरी तरह से कंपनी के इंटरनल कैश फ्लो से किया जाएगा। यानी कंपनी बड़े कर्ज के बोझ से बचेगी। हाल ही में कंपनी ने ₹150 करोड़ के कमर्शियल पेपर की देनदारी चुकाकर अपनी मजबूत लिक्विडिटी का सबूत भी दिया है।
EV बैटरी पर बड़ा दांव
- लिथियम आयरन फॉस्फेट (LFP): कंपनी ₹1,125 करोड़ के निवेश से 40,000 टन सालाना क्षमता वाली फैसिलिटी लगा रही है, जो FY27 की तीसरी तिमाही से शुरू होगी।
- कार्बन नैनोट्यूब्स: इसके लिए ₹70 करोड़ का निवेश किया जा रहा है।
- इंफ्रास्ट्रक्चर अपग्रेड: मौजूदा प्लांट को अपग्रेड करने के लिए ₹170 करोड़ का आउटले तय किया गया है।
गौर करने वाली बात यह है कि कंपनी का नेट प्रॉफिट चालू फाइनेंशियल ईयर की पहली तिमाही में 27% बढ़कर ₹228 करोड़ रहा है।
रिस्क फैक्टर और चुनौतियां
भले ही कंपनी के इरादे बुलंद हों, लेकिन सेक्टर की चुनौतियां भी कम नहीं हैं। बैटरी टेक्नोलॉजी बहुत तेजी से बदल रही है, जिससे पुरानी टेक्नोलॉजी के आउटडेटेड होने का रिस्क बना रहता है। साथ ही, एल्युमीनियम जैसे साइक्लिक सेक्टर में एक्सपोजर और वैश्विक स्तर पर कड़ी प्रतिस्पर्धा कंपनी के मार्जिन पर असर डाल सकती है। इसके अलावा, टायर डिवीजन में भी कंपनी अब साधारण ट्रक टायर्स के बजाय ऑफ-द-रोड टायर्स जैसे हाई-मार्जिन प्रोडक्ट्स पर जोर दे रही है। निवेशकों की नजर अब इन प्रोजेक्ट्स के समय पर पूरा होने पर टिकी रहेगी।
