कंप्लायंस में बड़ी चूक, ऑडिटर ने छोड़ा साथ
Harshil Agrotech Limited के लिए बड़ी खबर यह है कि उसके स्टैचूटरी ऑडिटर, S K Bhavsar & Co., ने 12 जून 2025 को कंपनी से इस्तीफा दे दिया। इस इस्तीफ़े की वजह ऑडिटर का Peer Review Certificate एक्सपायर होना बताई गई है, जिसकी समय सीमा 30 जून 2025 थी। हालांकि, कंपनी ने इस महत्वपूर्ण डेवलपमेंट की जानकारी बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) को 18 मार्च 2026 को दी, जो कि रेगुलेटरी कंप्लायंस (Regulatory Compliance) में करीब 9 महीने से भी ज़्यादा की देरी है।
क्यों उठी चिंता की लहर?
यह देरी कंपनी की कॉर्पोरेट गवर्नेंस (Corporate Governance) पर गंभीर सवाल खड़े करती है। अब Harshil Agrotech को तुरंत इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (ICAI) के नियमों के तहत एक योग्य ऑडिटर ढूंढना होगा, जिसके पास वैध Peer Review Certificate हो। ऑडिटर की नियुक्ति में देरी सीधे तौर पर कंपनी की फाइनेंशियल रिपोर्टिंग (Financial Reporting) को प्रभावित कर सकती है।
क्या है पिछला रिकॉर्ड?
यह पहली बार नहीं है जब कंपनी के ऑडिट को लेकर सवाल उठे हों। फरवरी 2026 की एक रिपोर्ट में भी पिछले ऑडिटर ने ट्रेड रिसीवेबल्स (Trade Receivables) और लोंस (Loans) जैसे अहम वित्तीय मामलों को सत्यापित करने पर चिंता जताई थी।
आगे क्या?
इस कंप्लायंस लैप्स (Compliance Lapse) के चलते Harshil Agrotech को SEBI जैसे रेगुलेटर्स (Regulators) की जांच का सामना करना पड़ सकता है। निवेशकों की नज़रें अब इस बात पर रहेंगी कि कंपनी कितनी जल्दी एक नया ऑडिटर नियुक्त करती है और क्या नया ऑडिटर सभी नियामक जरूरतों को पूरा करता है।
