Gulshan Polyols Limited (GPL) और Trident Limited ने हाल ही में एक ऐतिहासिक डील साइन की है। इस डील के तहत, GPL पंजाब के बर्नला में Trident की मौजूदा फैक्ट्री परिसर में ही एक ऑनसाइट प्रेसिपिटेटेड कैल्शियम कार्बोनेट (PCC) मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी (Facility) स्थापित करेगी।
यह प्लांट 22,000 MTPA (मेट्रिक टन प्रति वर्ष) की क्षमता वाला होगा और PCC Slurry का उत्पादन करेगा। कंपनी का अनुमान है कि इससे अगले 10 सालों (यानी फाइनेंशियल ईयर 2037-38 तक) में GPL को ₹200 करोड़ की अतिरिक्त आय होगी। यह फैसिलिटी फाइनेंशियल ईयर 2027-28 से अपना कामकाज शुरू कर देगी।
यह कदम Gulshan Polyols के लिए एक बड़ा स्ट्रेटेजिक (Strategic) विस्तार है, क्योंकि कंपनी भारत में क्लाइंट-साइट ऑपरेशंस (Client-site operations) का मॉडल पेश करने वाली पहली कंपनियों में से है। इससे GPL को एक दशक तक लगातार और स्थिर कमाई का जरिया मिलेगा। वहीं, Trident के लिए यह अपने उत्पादन के लिए PCC की ऑनसाइट और भरोसेमंद सप्लाई सुनिश्चित करेगा, जिससे उसकी सप्लाई चेन (Supply Chain) बेहतर होगी और लागत भी कम हो सकती है।
Gulshan Polyols प्रेसिपिटेटेड कैल्शियम कार्बोनेट (PCC) के क्षेत्र में एक जाना-पहचाना नाम है और भारत में ऑनसाइट PCC प्लांट का कॉन्सेप्ट (Concept) लाने वाली कंपनी है, जिसे लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में भी जगह मिली थी। GPL पहले भी ITC Ltd, Orient Paper Mill, और DSG Paper Mill Ltd. जैसी बड़ी पेपर कंपनियों के लिए ऐसे सफल ऑनसाइट प्रोजेक्ट्स चला चुकी है। दूसरी ओर, Trident Limited, बर्नला, पंजाब की एक बड़ी और विविध मैन्युफैक्चरिंग कंपनी है जो टेक्सटाइल, पेपर और केमिकल सेक्टर में काम करती है। Trident हाल ही में अपने पंजाब प्लांट में ₹2,000 करोड़ के विस्तार की घोषणा कर चुकी है।
इस नई डील से GPL के लिए अगले 10 सालों (FY28 से) के लिए आय की विजिबिलिटी (Visibility) बढ़ गई है। GPL अपने ऑनसाइट मैन्युफैक्चरिंग के अनुभव का इस्तेमाल करके इस नए क्षेत्र में पैठ बनाएगी। Trident को PCC की सप्लाई की गारंटी मिलेगी, जिससे ऑपरेशनल एफिशिएंसी (Operational efficiency) बढ़ सकती है।
हालांकि, इस प्रोजेक्ट के सफल होने में कुछ जोखिम भी हो सकते हैं, जैसे प्लांट को समय पर चालू करना, संचालन को सुचारू रूप से बढ़ाना, दोनों कंपनियों के बीच तालमेल, और कच्चे माल की कीमतों या PCC की मांग में उतार-चढ़ाव।
Gulshan Polyols का यह ऑनसाइट मैन्युफैक्चरिंग की ओर कदम इसे बाकी PCC उत्पादकों जैसे HTMC Group, Surendra Enterprises, और Mangalam Group से अलग करता है, जो मुख्य रूप से स्टैंडअलोन (Standalone) प्लांट चलाते हैं।
यह डील ₹200 करोड़ की अतिरिक्त आय का अनुमान 10 सालों के लिए (FY 2027-28 से FY 2037-38) देती है, और प्लांट की क्षमता 22,000 MTPA होगी।
निवेशकों को अब इस ऑनसाइट PCC फैसिलिटी के डिजाइन, निर्माण और चालू होने की प्रगति पर नजर रखनी चाहिए। साथ ही, फाइनेंशियल ईयर 2027-28 से इसके कमर्शियल प्रोडक्शन (Commercial production) की शुरुआत और फिर इससे होने वाली आय पर भी ध्यान देना महत्वपूर्ण होगा।