Gravita India Limited ने अपने Mundra, Gujarat यूनिट में लीड रीसाइक्लिंग क्षमता को बढ़ाने के लिए ₹49 करोड़ का निवेश किया है। यह फंड कंपनी के आंतरिक स्रोतों (Internal Accruals) से जुटाया गया है। इस विस्तार के बाद, Mundra प्लांट की लीड रीसाइक्लिंग क्षमता 80,300 MTPA बढ़कर 1,45,100 MTPA तक पहुंच गई है। इस कदम से कंपनी की वैश्विक स्तर पर कुल स्थापित रीसाइक्लिंग क्षमता अब 4,25,959 MTPA हो गई है।
यह विस्तार कंपनी के स्थायी (Sustainable) लीड उत्पादों की बढ़ती वैश्विक और घरेलू मांग को पूरा करने की रणनीति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। Mundra प्लांट की पोर्ट (Port) के करीब स्थित होने से निर्यात बाजारों में बेहतर सेवा देने और लॉजिस्टिक्स (Logistics) को अनुकूलित करने में मदद मिलेगी, जिससे कंपनी की प्रतिस्पर्धी स्थिति (Competitive Edge) और मजबूत होगी।
Gravita India की क्षमता विस्तार की एक मजबूत ट्रैक रिकॉर्ड है। कंपनी ने अप्रैल 2023 में भी Mundra यूनिट में 40,500 MTPA की क्षमता वृद्धि की थी, जिससे कुल क्षमता 60,000 MTPA हो गई थी, और इसमें ₹31 करोड़ का निवेश शामिल था। साथ ही, यह Jaipur प्लांट में भी क्षमता विस्तार कर रही है, जिसका लक्ष्य 45,000 MTPA की वृद्धि करना है। कंपनी ने FY28 तक अपनी कुल क्षमता को लगभग दोगुना करके 7 लाख MTPA तक पहुंचाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है, जिसके लिए FY28 तक लगभग ₹1,225 करोड़ के निवेश की योजना है।
हालांकि, कंपनी को कमोडिटी (Commodity) की कीमतों में उतार-चढ़ाव, खास तौर पर एल्यूमीनियम और प्लास्टिक रीसाइक्लिंग में, साथ ही नियामक (Regulatory) और पर्यावरणीय (Environmental) मानकों से जुड़े जोखिमों का सामना करना पड़ सकता है। बाजार में Pondy Oxides & Chemicals Ltd (POCL) और Exide Industries Ltd. जैसी कंपनियां Gravita India की प्रमुख प्रतिस्पर्धी (Competitors) हैं।
निवेशकों की नजर अब इस बात पर रहेगी कि कंपनी कैसे इस नई बढ़ी हुई क्षमता का पूरा उपयोग करती है और यह कंपनी के राजस्व (Revenue) और मुनाफे (Profit) में कितना योगदान देती है। भविष्य की विस्तार योजनाओं का क्रियान्वयन (Execution) और अन्य व्यावसायिक क्षेत्रों, जैसे लिथियम-आयन बैटरी रीसाइक्लिंग, का प्रदर्शन भी महत्वपूर्ण होगा।