सरकार ने केमिकल इंडस्ट्री को रफ्तार देने के लिए **'BHAVYA Rasayan'** स्कीम का ऐलान किया है। इसके तहत **₹3,030 करोड़** के बजट से तीन बड़े केमिकल पार्क तैयार किए जाएंगे, जिससे मैन्युफैक्चरर्स की लागत कम होगी और इंपोर्ट पर निर्भरता घटेगी।
भारत सरकार ने केमिकल मैन्युफैक्चरिंग को वर्ल्ड-क्लास बनाने के लिए 'Bharat Audyogik Vikas Yojana Rasayan' (BHAVYA Rasayan) स्कीम की शुरुआत की है। FY 2026-27 से FY 2030-31 के दौरान इस योजना के तहत ₹3,030 करोड़ खर्च किए जाएंगे। इसका मुख्य उद्देश्य देश में तीन ऐसे केमिकल पार्क बनाना है, जो 'प्लग-एंड-प्ले' (Plug-and-Play) सुविधा के साथ लैस हों।
स्कीम की मुख्य बातें और शर्तें
केंद्र सरकार हर एक पार्क के लिए ₹1,000 करोड़ तक की आर्थिक मदद देगी। हालांकि, यह ग्रांट पूरी तरह से राज्य सरकारों के सहयोग पर निर्भर है। हर राज्य को इस प्रोजेक्ट के लिए कम से कम ₹500 करोड़ का योगदान देना होगा। इच्छुक राज्यों को 30 नवंबर, 2026 तक अपने प्रपोजल जमा करने होंगे।
कंपनियों को कैसे होगा फायदा?
केमिकल और पेट्रोकेमिकल कंपनियों के लिए यह गेम-चेंजर साबित हो सकता है। 'प्लग-एंड-प्ले' इंफ्रास्ट्रक्चर के कारण कंपनियों को जमीन और बेसिक यूटिलिटीज के लिए अलग से भारी पूंजी खर्च करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इससे कंपनियों का मुनाफा (Profit Margin) बढ़ने की उम्मीद है। यह पहल 'विकसित भारत 2047' के विजन को ध्यान में रखते हुए शुरू की गई है, ताकि भारत को केमिकल एक्सपोर्ट का ग्लोबल हब बनाया जा सके।
निवेशक इन रिस्क पर रखें नजर
इतने बड़े स्केल के प्रोजेक्ट्स में जमीन अधिग्रहण (2,000 एकड़ प्रति पार्क) एक बड़ी चुनौती है। इसके अलावा, पर्यावरण संबंधी मंजूरी और वेस्ट मैनेजमेंट जैसे तकनीकी कामों में देरी प्रोजेक्ट्स के टाइमलाइन को प्रभावित कर सकती है। अगर राज्य सरकारें समय पर फंड और बुनियादी ढांचा मुहैया नहीं करा पाती हैं, तो इस योजना की गति धीमी हो सकती है।
मार्केट की नजरें अब 22-24 अक्टूबर, 2026 को मुंबई में होने वाले 'India Chem 2026' इवेंट पर टिकी हैं, जहां इस स्कीम को लेकर आगे की राह साफ हो सकती है।
