Godrej Agrovet ने भारतीय कृषि क्षेत्र के लिए एक बड़ा कदम उठाते हुए चावल की फसलों को लक्षित करने वाला अपना नया कीटनाशक (insecticide) "TAKAI" लॉन्च किया है। ISK Japan के साथ मिलकर Cyclapryn™ टेक्नोलॉजी पर आधारित यह प्रोडक्ट, किसानों की पैदावार बढ़ाने और उनकी आय में सुधार लाने के इरादे से पेश किया गया है।
कंपनी ने Q3 FY26 के अपने वित्तीय नतीजे भी जारी किए। इस दौरान, कंसोलिडेटेड रेवेन्यू में 11% की दमदार सालाना बढ़ोतरी दर्ज की गई, जो ₹2,718 करोड़ तक पहुंच गया। हालांकि, कंसोलिडेटेड प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) पिछले साल के ₹110 करोड़ पर ही ठहरा रहा, यानी इसमें कोई बढ़ोतरी नहीं हुई।
यह तस्वीर पूरे नौ महीनों (9M FY26) में भी कुछ हद तक दिखी, जहां रेवेन्यू 9% बढ़कर ₹7,900 करोड़ हुआ, लेकिन PAT में मामूली 1.7% की वृद्धि के साथ यह ₹343 करोड़ पर रहा।
अगर सेगमेंट की बात करें, तो कंपनी के वेजिटेबल ऑयल बिजनेस ने Q3 में 27% की शानदार ईयर-ऑन-ईयर (YoY) ग्रोथ दिखाई, वहीं एनिमल फीड सेगमेंट भी 17% की बढ़ोतरी के साथ मजबूत प्रदर्शन करता रहा। Godrej Foods के EBITDA में तो 51% की प्रभावशाली उछाल दर्ज की गई।
इसके विपरीत, क्रॉप प्रोटेक्शन सेगमेंट को कुछ चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। बेमौसम बारिश और वॉल्यूम में आई कमी के कारण इस सेगमेंट के मार्जिन पर दबाव देखा गया। इसी तरह, क्रीमलाइन डेयरी के EBITDA मार्जिन पर भी दूध खरीद की ऊंची कीमतों का असर पड़ा है।
कंपनी "TAKAI" के लिए मक्का, मिर्च, गोभी, सोयाबीन, चना और गन्ने जैसी अन्य प्रमुख फसलों के लिए भी अप्रूवल (approval) हासिल करने की दिशा में काम कर रही है, जो भविष्य में ग्रोथ के नए अवसर खोल सकते हैं।
Godrej Agrovet ने हाल में अपने शेयर की कीमतों में आए उतार-चढ़ाव को लेकर भी स्पष्ट किया कि यह सामान्य मार्केट वोलेटिलिटी (market volatility) के कारण है, न कि किसी अंदरूनी खबर के कारण।