नतीजों का पूरा लेखा-जोखा
गुजरात स्टेट फर्टिलाइजर्स एंड केमिकल्स लिमिटेड (GSFC) के लिए मार्च तिमाही के नतीजे मिले-जुले रहे। कंपनी का नेट प्रॉफिट पिछले साल की इसी अवधि के ₹71.76 करोड़ की तुलना में 27% घटकर ₹52.14 करोड़ पर आ गया। हालांकि, कंपनी की कुल आय (Total Income) में 35% का शानदार उछाल देखा गया, जो ₹1,978.85 करोड़ से बढ़कर ₹2,668.12 करोड़ हो गई।
पूरे फाइनेंशियल ईयर (Financial Year) की बात करें तो GSFC ने ₹673 करोड़ का नेट प्रॉफिट कमाया, जो पिछले साल के ₹591.16 करोड़ से बेहतर है। इसी तरह, पूरे साल की कुल आय भी ₹9,848.64 करोड़ से बढ़कर ₹11,221.87 करोड़ हो गई। कंपनी के बोर्ड ने ₹5 प्रति इक्विटी शेयर के डिविडेंड (Dividend) की सिफारिश की है।
फर्टिलाइजर सेगमेंट में क्या हुआ?
कंपनी के फर्टिलाइजर सेगमेंट ने अच्छा प्रदर्शन किया, जिसकी सेल्स 17% बढ़कर ₹1,196 करोड़ हो गई और सेल्स वॉल्यूम 12% बढ़कर 22.31 लाख टन तक पहुंच गया। लेकिन, सल्फर (Sulphur) और सल्फ्यूरिक एसिड (Sulphuric Acid) जैसे प्रमुख कच्चे माल की लागत में भारी वृद्धि के कारण इस सेगमेंट की प्रॉफिटेबिलिटी (Profitability) पर दबाव पड़ा। इन कीमतों में बढ़ोतरी की वजह वैश्विक भू-राजनीतिक घटनाएं बताई जा रही हैं।
FY27 के लिए क्या है अनुमान?
GSFC को उम्मीद है कि फाइनेंशियल ईयर 2026-27 की पहली तिमाही में उसके फर्टिलाइजर सेगमेंट के लिए माहौल चुनौतीपूर्ण रहेगा। खासकर मध्य पूर्व (Middle East) में भू-राजनीतिक घटनाओं से प्रभावित वैश्विक कच्चे माल के बाजारों में अस्थिरता बने रहने की संभावना है, जिसका असर कंपनी के प्रॉफिट मार्जिन पर पड़ सकता है।
