GNFC (Gujarat Narmada Valley Fertilizers & Chemicals) ने सितंबर तिमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी का मुनाफा **₹194 करोड़** रहा, जबकि रेवेन्यू **₹2,773 करोड़** के स्तर पर पहुंच गया है।
सितंबर 2026 तिमाही के लिए GNFC ने मिली-जुली परफॉर्मेंस पेश की है। कंपनी का नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 4.5% बढ़कर ₹194 करोड़ हो गया है, जबकि रेवेन्यू में 41% की शानदार बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जो ₹2,773 करोड़ पहुंच गया है।
सेगमेंट का प्रदर्शन और चुनौतियां
कंपनी की ग्रोथ में केमिकल्स डिवीजन ने सबसे अहम भूमिका निभाई है, जबकि फर्टिलाइजर बिजनेस के लिए स्थिति चुनौतीपूर्ण रही। इस तिमाही में फर्टिलाइजर सेगमेंट को ₹38 करोड़ का नुकसान झेलना पड़ा है। ग्लोबल स्तर पर फीडस्टॉक की कीमतों में उतार-चढ़ाव कंपनी के मार्जिन पर दबाव डाल रहे हैं।
अपने मुनाफे को सुरक्षित करने के लिए, GNFC ने दाहेज में एक नया कैप्टिव पावर प्लांट शुरू किया है। उम्मीद है कि बिजली की अपनी व्यवस्था होने से मैन्युफैक्चरिंग लागत में कमी आएगी और आने वाली तिमाहियों में कंपनी बेहतर मुनाफा कमा सकेगी।
रेगुलेटरी संकट और कंपनी का रुख
ऑपरेशंस के अलावा, निवेशकों की नजर Department of Telecommunications (DoT) द्वारा की गई ₹21,370 करोड़ की मांग पर टिकी है। यह मामला 2006 से 2020 के बीच के पुराने VSAT और ISP लाइसेंस से जुड़ा है। कंपनी का कहना है कि यह पुरानी गतिविधियां हैं और इसका उनके मौजूदा फर्टिलाइजर और केमिकल बिजनेस पर असर नहीं पड़ना चाहिए। अच्छी बात यह है कि कंपनी फिलहाल नेट-डेब्ट-फ्री है, लेकिन यह कानूनी विवाद अभी भी निवेशकों के लिए एक बड़ा 'वॉचिंग पॉइंट' बना हुआ है।
