📉 तिमाही के आंकड़े क्या कहते हैं?
Gujarat Alkalies and Chemicals Limited (GACL) ने फाइनेंशियल ईयर 2025-26 की तीसरी तिमाही के लिए अपने नतीजों का ऐलान किया है। इस दौरान, कंपनी का रिवेन्यू पिछले साल की इसी तिमाही के ₹1001 करोड़ की तुलना में मामूली 0.70% बढ़कर ₹1008 करोड़ पर पहुंच गया। लेकिन, ऑपरेशनल प्रॉफिटेबिलिटी (Operational Profitability) के मोर्चे पर अच्छी खबर आई, जहाँ EBITDA में 19% की जोरदार उछाल दर्ज की गई और यह ₹135 करोड़ रहा, जो पिछले साल ₹113 करोड़ था। पिछले नौ महीनों की बात करें तो EBITDA में 25% का शानदार इजाफा हुआ और यह ₹394 करोड़ पर पहुंच गया।
🚩 मुनाफे का घाटा और ऑडिटर्स की चिंता
हालांकि, बॉटम लाइन यानी नेट प्रॉफिट (Net Profit) की तस्वीर कुछ और ही कहानी कह रही है। GACL ने Q3 FY26 में ₹-19.95 करोड़ का कंसोलिडेटेड नेट लॉस (Consolidated Net Loss) दर्ज किया। यह तब हुआ जब पिछले नौ महीनों के लिए प्रॉफिट बिफोर टैक्स (PBT) ₹36 करोड़ रहा, जो पिछले साल के ₹-13 करोड़ के लॉस से एक बड़ा सुधार है। कंपनी ने बताया कि स्पेंट पैलेडियम (Pd) कैटेलिस्ट के इन्वेंटरी वैल्यूएशन में सुधार के कारण इस तिमाही और नौ महीनों की अवधि में ₹18.29 करोड़ का फायदा PBT में जोड़ा गया। कंपनी का स्टैंडअलोन PAT (Standalone PAT) तिमाही के लिए ₹-11.16 करोड़ रहा।
ऑडिटर्स, प्रकाश चंद्र जैन एंड कंपनी, ने इन्वेंटरी वैल्यूएशन एडजस्टमेंट पर खास ध्यान दिलाया है, हालांकि उन्होंने अपनी राय में कोई बदलाव नहीं किया। यह स्थिति निवेशकों के लिए चिंता का सबब बन सकती है, क्योंकि EBITDA पॉजिटिव होने और PBT में सुधार के बावजूद नेट लॉस हुआ है। ऐसा माना जा रहा है कि इंटरेस्ट कॉस्ट, डेप्रिसिएशन (Depreciation) या अन्य असाधारण खर्चों ने नेट प्रॉफिट को प्रभावित किया है।
🚀 बड़े प्रोजेक्ट्स को मिली हरी झंडी
इन नतीजों के बीच, कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने भविष्य की ग्रोथ के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। बोर्ड ने ₹1000 करोड़ से अधिक के कैपिटल एक्सपेंडिचर (Capital Expenditure) को मंजूरी दी है। इसमें लागत कम करने के लिए चार बायो-फ्यूल/कोल-फायर्ड बॉयलर्स (कुल लागत ₹389 करोड़), 33,870 TPA का फूड ग्रेड फॉस्फोरिक एसिड प्लांट (अनुमानित लागत ₹560 करोड़), और KOH प्रोडक्शन कैपेसिटी को 120 TPD से बढ़ाकर 200 TPD करना (अनुमानित लागत ₹80 करोड़) शामिल है। इन नए प्रोजेक्ट्स से सालाना ₹350 करोड़ और ₹130 करोड़ के रेवेन्यू की उम्मीद है।
📈 आगे का प्लान और रणनीति
'प्रोजेक्ट आह्वान' (Project Ahvaan) के तहत, GACL ऑपरेशनल एफिशिएंसी बढ़ाने और कॉस्ट कटिंग पर ध्यान केंद्रित कर रही है। कंपनी ने FY26 के पहले नौ महीनों के लिए अपनी रिन्यूएबल एनर्जी (Renewable Energy) हिस्सेदारी को 35.7% तक बढ़ाया है, जिससे लागत में कमी आई है। इन विस्तार योजनाओं के वित्तपोषण के लिए गुजरात स्टेट फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड से ₹250 करोड़ की लाइन ऑफ क्रेडिट (Line of Credit) सुविधा को भी मंजूरी मिल गई है। निवेशक अब इन बड़े प्रोजेक्ट्स के एग्जीक्यूशन (Execution) और आने वाली तिमाहियों में इनके प्रॉफिटेबिलिटी पर पड़ने वाले असर पर पैनी नज़र रखेंगे।