गुजरात के Saykha GIDC स्थित Morudia Chemicals की फैक्ट्री में 15 सितंबर, 2026 को भयंकर आग लग गई। सॉल्वेंट ड्रमों में आग लगने के बाद कई धमाके हुए, गनीमत रही कि सभी कर्मचारियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
गुजरात के भरूच स्थित Saykha GIDC इंडस्ट्रियल एरिया में Morudia Chemicals की यूनिट में यह घटना 15 सितंबर, 2026 को हुई। कंपनी के गोदाम में रखे केमिकल्स और सॉल्वेंट ड्रमों ने आग पकड़ी, जिसके बाद वहां एक के बाद एक कई जोरदार धमाके हुए। धमाकों की आवाज इतनी तेज थी कि आसपास की फैक्ट्रियों में भी हड़कंप मच गया।
राहत की बात: कोई हताहत नहीं
आपातकालीन स्थिति को देखते हुए मौके पर मौजूद 7 से 8 कर्मचारियों को तुरंत सुरक्षित निकाल लिया गया। आग बुझाने के लिए 4 फायर टेंडर्स को तैनात किया गया। फायर ब्रिगेड की टीम ने करीब 2 घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया, जिससे यह आग पास की अन्य औद्योगिक इकाइयों तक नहीं फैल सकी।
औद्योगिक जोखिम और भविष्य की चुनौतियां
भरूच का यह इलाका केमिकल मैन्युफैक्चरिंग का बड़ा हब है, जहां अत्यधिक घनत्व के कारण ऐसे हादसे रिस्क बढ़ा देते हैं। ऐसी घटनाओं के बाद अक्सर स्थानीय नियामक संस्थाएं (Regulatory Bodies) सुरक्षा ऑडिट और पर्यावरण संबंधी जांच सख्त कर देती हैं।
स्थानीय कारोबारियों के लिए इसका मतलब है कि आने वाले दिनों में जांच-पड़ताल बढ़ सकती है और कड़े सुरक्षा नियमों का पालन करना अनिवार्य होगा। केमिकल सेक्टर में काम करने वाली अन्य कंपनियों के लिए भी यह एक सबक है कि सॉल्वेंट स्टोरेज और डिजास्टर रिकवरी मैनेजमेंट में किसी भी तरह की कोताही भारी पड़ सकती है। निवेशकों की अब इस बात पर नजर है कि क्या इस घटना के बाद Saykha GIDC बेल्ट में सुरक्षा दिशानिर्देश और कड़े किए जाएंगे, जिससे ऑपरेशनल लागत पर असर पड़ सकता है।
