Fermenta Biotech Share Price: 9 महीने में **25%** रेवेन्यू बढ़ा, पर Q3 में **68%** गिरा मुनाफा!

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
Fermenta Biotech Share Price: 9 महीने में **25%** रेवेन्यू बढ़ा, पर Q3 में **68%** गिरा मुनाफा!
Overview

Fermenta Biotech Limited ने 9 महीने (9MFY26) के लिए जोरदार नतीजे पेश किए हैं, जिसमें कंसोलिडेटेड रेवेन्यू **25%** बढ़कर **₹421.2 करोड़** और EBITDA **20%** बढ़कर **₹97.2 करोड़** दर्ज किया गया। हालांकि, तीसरी तिमाही (Q3FY26) में कंपनी के प्रदर्शन में नरमी दिखी, कंसोलिडेटेड रेवेन्यू **11%** गिरकर **₹140.5 करोड़** और नेट प्रॉफिट **68%** घटकर **₹12.0 करोड़** रहा। इस गिरावट की मुख्य वजह रियल एस्टेट सेगमेंट से आय में भारी कमी बताई जा रही है।

9 महीने में दमदार परफॉर्मेंस, पर Q3 में क्यों आई गिरावट?

Fermenta Biotech Limited के लिए 9 महीने (9MFY26) का पीरियड काफी मजबूत रहा। कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 25% बढ़कर ₹421.2 करोड़ हो गया, जबकि कंसोलिडेटेड EBITDA 20% बढ़कर ₹97.2 करोड़ पर पहुंच गया। इसी तरह, नेट प्रॉफिट (PAT) में भी 20% की बढ़ोतरी दर्ज की गई और यह ₹51.7 करोड़ रहा।

अगर रियल एस्टेट को छोड़ दें, तो Fermenta का प्रदर्शन और भी शानदार है। इस सेगमेंट को हटाकर देखें तो 9MFY26 में रेवेन्यू 41% की जबरदस्त तेजी के साथ ₹413.6 करोड़ पर पहुंच गया, और EBITDA में तो 86% का उछाल आकर ₹95.1 करोड़ दर्ज किया गया। इस ग्रोथ के पीछे Human Nutrition सेगमेंट (खासकर Vitamin D3 की बिक्री में 51% की बढ़त) और Animal Nutrition सेगमेंट (में 46% की ग्रोथ) का बड़ा हाथ रहा। Green Chemistry Solutions/Enzymes में भी 64% की शानदार बढ़ोतरी देखी गई।

कंपनी के मैनेजमेंट का कहना है कि ऑपरेशनल लिवरेज (Operational Leverage) का फायदा मिला है। 9MFY26 का रेवेन्यू (रियल एस्टेट को छोड़कर) पिछले फाइनेंशियल ईयर (FY25) के कुल रेवेन्यू का 96.9% तक पहुंच गया। वहीं, EBITDA (रियल एस्टेट को छोड़कर) 9 महीनों में ही पिछले पूरे फाइनेंशियल ईयर के EBITDA से 14.1% ज्यादा रहा। वॉल्यूम ग्रोथ भी कमाल की रही, Human Nutrition में 46% और Animal Nutrition में 52% की बढ़त दर्ज की गई।

लेकिन, जैसे ही हम तीसरी तिमाही (Q3FY26) के आंकड़ों पर नजर डालते हैं, तस्वीर थोड़ी बदल जाती है। इस तिमाही में कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 11% घटकर ₹140.5 करोड़ रह गया। EBITDA में 49% की बड़ी गिरावट के साथ यह ₹28.1 करोड़ पर आ गया, और नेट प्रॉफिट 68% लुढ़ककर सिर्फ ₹12.0 करोड़ रह गया। मैनेजमेंट ने स्पष्ट किया है कि यह गिरावट मुख्य रूप से रियल एस्टेट से होने वाली आय में 95% की भारी कमी के कारण आई है।

9MFY26 में 'Other Income' में 57% की बढ़ोतरी हुई, जिसका एक कारण Q1FY26 में मिला ₹2.7 करोड़ का एक नॉन-रेकरिंग इंश्योरेंस क्लेम (Insurance Claim) भी था। वहीं, नए लेबर कोड्स (Labour Codes) के कारण ₹2.19 करोड़ का विशेष खर्च हुआ, और स्लो-मूविंग इन्वेंटरी (Slow-moving inventory) के लिए ₹2.0 करोड़ का रिवर्जल (Reversal) भी दर्ज किया गया।

भौगोलिक (Geographical) रूप से देखें तो, रियल एस्टेट को छोड़कर, भारत की हिस्सेदारी थोड़ी घटकर 39% (-2% YoY) रह गई। यूरोप में हिस्सेदारी बढ़कर 32% (+7% YoY) हो गई, जबकि नॉर्थ अमेरिका में यह 13% (-5% YoY) पर आ गई। जर्मन सब्सिडियरी (German subsidiary) ने 147% YoY की मजबूत रेवेन्यू ग्रोथ दिखाई।

कंपनी के लिए एक बड़ा डेवलपमेंट यह है कि बोर्ड ने ₹110 करोड़ के कैपेक्स (Capex) को मंजूरी दे दी है। यह पैसा दहेज (Dahej) प्लांट में प्लांट-बेस्ड Vitamin D3, ग्रीन केमिस्ट्री एंजाइम्स (Green Chemistry Enzymes) और डेरिवेटिव्स (Derivatives) के उत्पादन को बढ़ाने के लिए इस्तेमाल किया जाएगा। इसका मकसद सस्टेनेबल बायो-कैटलिसिस (Sustainable Biocatalysis) और Vitamin D3 इनोवेशन में लीडरशिप को मजबूत करना है।

अब बात करते हैं जोखिमों (Risks) की। रियल एस्टेट सेगमेंट में गिरावट का जारी रहना, यूएस ट्रेडिंग सब्सिडियरी (US trading subsidiary) का परफॉर्मेंस, और नए कैपेक्स प्रोजेक्ट को पूरा करने में आने वाली चुनौतियां मुख्य चिंताएं हैं। हालांकि, मैनेजमेंट का भरोसा है कि कोर ह्यूमन न्यूट्रिशन बिजनेस को स्केल करके और मार्जिन सुधारकर वे आगे भी वैल्यू क्रिएट करते रहेंगे।

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