फर्टिलाइजर्स एंड केमिकल्स त्रावणकोर लिमिटेड (FACT) ने कच्चे माल, खासकर सल्फर की कमी के चलते अमोनियम सल्फेट का उत्पादन रोक दिया है। कंपनी सरकार के साथ मिलकर वैकल्पिक स्रोतों की तलाश कर रही है, वहीं सरकारी आश्वासन के मुताबिक खरीफ सीजन में किसानों को पर्याप्त इंपोर्ट्स से कोई कमी नहीं होगी।
Detailed Coverage
कच्चे माल की सप्लाई में भारी गिरावट
सरकारी कंपनी फर्टिलाइजर्स एंड केमिकल्स त्रावणकोर लिमिटेड (FACT) ने अमोनियम सल्फेट (Ammonium Sulphate) का प्रोडक्शन अस्थायी तौर पर रोक दिया है। कंपनी ने बताया कि सल्फर (Sulphur) और फॉस्फोरिक एसिड (Phosphoric Acid) जैसे जरूरी इनपुट्स की सप्लाई चेन में दिक्कत और इनपुट कॉस्ट (Input Cost) बढ़ने के कारण यह फैसला लेना पड़ा है। इस वजह से कंपनी हर महीने करीब 25,000 टन प्रोडक्शन का नुकसान झेल रही है।
ग्लोबल मार्केट का असर
कंपनी की मुश्किलों की जड़ें ग्लोबल मार्केट (Global Market) में दिख रही हैं। इंटरनेशनल मार्केट में सप्लाई में देरी और कमोडिटी की कीमतों में उतार-चढ़ाव के चलते FACT को सल्फर की खरीद में परेशानी हो रही है। कंपनी ने बताया कि सल्फर के लिए डाले गए टेंडर में कोई बिड (Bid) नहीं आया, जो ग्लोबल मार्केट में टाइट सप्लाई का संकेत है। वहीं, फॉस्फोरिक एसिड (Phosphoric Acid) की उपलब्धता भी कई विदेशी मैन्युफैक्चरिंग प्लांट्स (Manufacturing Plants) के बंद होने से प्रभावित हुई है। इन सब वजहों से कंपनी को प्रोडक्शन रोकना पड़ा है और वह अब डोमेस्टिक (Domestic) और इंटरनेशनल (International) मार्केट में नए सप्लायर्स की तलाश कर रही है।
किसानों पर असर और मार्केट की स्थिरता
प्रोडक्शन रुकने के बावजूद, केमिकल और फर्टिलाइजर मंत्रालय (Ministry of Chemicals and Fertilizers) ने यह सुनिश्चित किया है कि खेती-किसानी पर इसका कोई असर न पड़े। सरकार ने पहले ही सप्लाई की संभावित कमी को देखते हुए अमोनियम सल्फेट का इंपोर्ट (Import) बढ़ा दिया था ताकि बफर स्टॉक (Buffer Stock) बना रहे। उम्मीद है कि खरीफ सीजन (Kharif Season) के लिए किसानों को DAP (DAP) और NPK (NPK) जैसे दूसरे जरूरी फर्टिलाइजर्स (Fertilizers) के साथ अमोनियम सल्फेट की भी पर्याप्त सप्लाई मिलेगी। सरकार की यह इंपोर्ट स्ट्रैटेजी (Import Strategy) रिटेल मार्केट में कीमतों को स्थिर रखने और किसी भी तरह की कमी को दूर करने के लिए है।
ऑपरेशनल रिस्क और लेबर का मुद्दा
प्रोडक्शन रुकने का सीधा असर कंपनी की मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स (Manufacturing Units) पर पड़ा है। बैगिंग (Bagging), लोडिंग (Loading) और ट्रांसपोर्टेशन (Transportation) सेवाओं से जुड़े अस्थायी कर्मचारियों की नौकरी पर भी संकट के बादल मंडरा रहे हैं। लोकल लेबर यूनियन्स (Labor Unions) ने इस स्थिति को लेकर चिंता जताई है और मैनेजमेंट से प्रोडक्शन फिर से शुरू करने के लिए एक अर्जेंट स्ट्रैटेजी (Urgent Strategy) की मांग की है।
निवेशकों के लिए आगे क्या?
इन्वेस्टर्स (Investors) के लिए सबसे अहम सवाल यह है कि अमोनियम सल्फेट का प्रोडक्शन कब दोबारा शुरू होगा। कंपनी फिलहाल ऐसे लॉन्ग-टर्म स्ट्रैटेजिक सोर्सिंग एग्रीमेंट्स (Long-term Strategic Sourcing Agreements) पर काम कर रही है, जिससे वह वोलेटाइल इंटरनेशनल मार्केट्स (Volatile International Markets) पर अपनी निर्भरता कम कर सके। आने वाले क्वार्टर्स (Quarters) में कंपनी के ऑपरेटिंग मार्जिन्स (Operating Margins) और कैश फ्लो (Cash Flow) पर पड़ने वाले असर का अंदाजा लगाने के लिए, कच्चे माल की सफल खरीद, इनपुट कॉस्ट में स्थिरता और प्रोडक्शन लाइन के दोबारा शुरू होने की तय तारीख पर कंपनी के अपडेट्स पर नजर रखनी होगी।
