Ester Industries: Q3 में ₹12.4 Cr का घाटा, पर स्पेशियल्टी प्रोडक्ट्स से है उम्मीद!

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
Ester Industries: Q3 में ₹12.4 Cr का घाटा, पर स्पेशियल्टी प्रोडक्ट्स से है उम्मीद!
Overview

Ester Industries Limited ने इस फाइनेंशियल ईयर की तीसरी तिमाही (Q3 FY26) में **₹12.4 करोड़** का नेट लॉस दर्ज किया है। पिछले साल इसी अवधि में कंपनी को **₹24.8 करोड़** का प्रॉफिट हुआ था। रेवेन्यू भी **2.1%** गिरकर **₹343.5 करोड़** रहा। यह गिरावट मुख्य रूप से US ट्रेड टैरिफ और चीनी कंपनियों की आक्रामक कीमतों के कारण BOPET Film सेगमेंट पर पड़े दबाव की वजह से हुई।

Ester Industries Limited के लिए यह तिमाही काफी चुनौतीपूर्ण रही। कंपनी ने फाइनेंशियल ईयर 2026 की तीसरी तिमाही में ₹12.4 करोड़ का कंसोलिडेटेड नेट लॉस रिपोर्ट किया है, जबकि पिछले साल, यानी Q3 FY25 में ₹24.8 करोड़ का शानदार प्रॉफिट था। इस दौरान कंपनी का रेवेन्यू पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 2.1% घटकर ₹343.5 करोड़ पर आ गया। इस गिरावट की सबसे बड़ी वजह BOPET Film सेगमेंट में मार्जिन पर आया भारी दबाव है, जिस पर US ट्रेड टैरिफ और चीन से आने वाली सस्ती कीमतों का सीधा असर पड़ा है।

पिछले नौ महीनों (9M FY26) की बात करें तो, कंपनी को कुल ₹35.4 करोड़ का नेट लॉस हुआ है, जबकि पिछले साल इसी अवधि में ₹11.7 करोड़ का प्रॉफिट था। हालांकि, 9M FY26 का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 7.2% बढ़कर ₹1,047.6 करोड़ दर्ज किया गया।

कंपनी की EBITDA मार्जिन में भी भारी गिरावट देखी गई। Q3 FY26 में यह घटकर 6.1% पर आ गई, जो कि पिछले साल Q3 FY25 में 18.5% थी। वहीं, पूरे नौ महीनों (9M FY26) के लिए औसत EBITDA मार्जिन 6.4% रहा, जो पिछले साल के 12.8% से काफी कम है। मैनेजमेंट का कहना है कि यह गिरावट कीमतों के दबाव, बढ़ी हुई इनपुट कॉस्ट, मैक्रो इकोनॉमिक अस्थिरता, भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं और करेंसी में गिरावट के चलते हुए मार्क-टू-मार्केट और फॉरेन एक्सचेंज लॉस के कारण हुई।

इन चुनौतियों के बावजूद, कंपनी के कुछ सेगमेंट्स ने शानदार परफॉरमेंस दिखाई है। स्पेशियल्टी पॉलीमर (Specialty Polymer) सेगमेंट में वॉल्यूम 46.4% बढ़ा है, जबकि रेवेन्यू 72.9% की जबरदस्त ग्रोथ के साथ ₹51.2 करोड़ तक पहुंच गया। इस सेगमेंट का EBIT भी 62% बढ़ा है। वहीं, rPET सेगमेंट ने तो कमाल ही कर दिया, जहां सेल्स वॉल्यूम 286.7% बढ़कर 1,431 MT तक पहुंच गया और रेवेन्यू लगभग चार गुना होकर ₹15.2 करोड़ हो गया। यह ग्रोथ सस्टेनेबल पैकेजिंग सॉल्यूशंस की बढ़ती मांग की वजह से है।

पॉलिएस्टर फिल्म्स की क्षमता उपयोगिता (capacity utilization) 71% रही, जबकि वैल्यू एडेड और स्पेशियल्टी फिल्म्स ने BOPET फिल्म्स के वॉल्यूम का 25% हिस्सा बनाए रखा।

कंपनी का मैनेजमेंट इन बाहरी चुनौतियों से निपटने के लिए सक्रिय है। सबसे बड़ी उम्मीद US-इंडिया ट्रेड डील को लेकर है, जिसके मार्च 2026 के मध्य तक फाइनल होने की उम्मीद है। इस डील से BOPET फिल्म्स पर US टैरिफ 50% से घटकर 18% हो सकता है। इसके अलावा, DGTR (Directorate General of Trade Remedies) द्वारा चीन और अन्य देशों से BOPET फिल्म्स के इम्पोर्ट पर शुरू की गई एंटी-डंपिंग जांच भी कीमतों में सुधार लाने में मदद कर सकती है।

भारत की आर्थिक ग्रोथ, EU और UK के साथ नए फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA), और प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट रूल्स जैसे सरकारी नियमों में बदलाव, जो रीसाइकल्ड कंटेंट को बढ़ावा देते हैं, कंपनी के लिए सकारात्मक संकेत हैं। Ester Industries Loop Industries Inc. के साथ अपनी ज्वाइंट वेंचर (JV) पर भी काम कर रही है, जिससे सर्कुलर इकोनॉमी को मजबूती मिलेगी।

हालांकि, कंपनी के लिए मुख्य रिस्क यह है कि ये ट्रेड पॉलिसी और एंटी-डंपिंग उपाय कितनी जल्दी और कितनी प्रभावी ढंग से लागू होते हैं। किसी भी देरी से मार्जिन पर दबाव बना रह सकता है। कंपनी के लिए लागत कम करने के उपायों को लागू करना और स्पेशियल्टी व सस्टेनेबल प्रोडक्ट्स में अपनी पकड़ मजबूत करना महत्वपूर्ण होगा। निवेशकों को US-इंडिया ट्रेड नेगोशिएशन और DGTR जांच पर बारीकी से नजर रखनी चाहिए। CRISIL ने कंपनी को A- (लॉन्ग-टर्म) और A2+ (शॉर्ट-टर्म) रेटिंग दी है, जो वित्तीय स्थिरता का संकेत देती है।

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