Deepak Nitrite ने पहली तिमाही (Q1 FY27) के शानदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का नेट प्रॉफिट बढ़कर ₹345 करोड़ हो गया है, जो पिछले साल के मुकाबले तीन गुना है। इस उछाल की मुख्य वजह कंपनी का फिनोलिक्स (Phenolics) सेगमेंट रहा। इसके साथ ही, कंपनी ने **₹2,500 करोड़** का बड़ा निवेश करके एक नया बिसफेनॉल-ए (BPA) प्लांट लगाने का ऐलान भी किया है।
मुनाफे में आई बंपर तेजी
Deepak Nitrite Ltd. ने वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में शानदार प्रदर्शन करते हुए ₹345.01 करोड़ का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट दर्ज किया है। यह पिछले साल की समान अवधि में दर्ज ₹112.25 करोड़ के प्रॉफिट से तीन गुना ज्यादा है। कंपनी के फिनोलिक्स (Phenolics) सेगमेंट ने इस वृद्धि में अहम भूमिका निभाई है, जिसने ₹1,775.05 करोड़ का रेवेन्यू और ₹417.76 करोड़ का प्रॉफिट बिफोर इंटरेस्ट एंड टैक्स (PBIT) हासिल किया है।
कंपनी की कुल लाभप्रदता (Profitability) में भी सुधार देखा गया है। EBITDA बढ़कर ₹540.2 करोड़ हो गया है, जो पिछले साल की पहली तिमाही के ₹189.4 करोड़ की तुलना में काफी ज्यादा है। इसके चलते EBITDA मार्जिन भी बढ़कर 21% हो गया है, जो पिछले साल 10.03% था। एडवांस्ड इंटरमीडिएट्स (Advanced Intermediates) सेगमेंट ने भी ₹803.85 करोड़ का रेवेन्यू और ₹66.98 करोड़ का सेगमेंट प्रॉफिट दर्ज करके कंपनी के नतीजों को और मजबूत किया है।
BPA मैन्युफैक्चरिंग में बड़ी छलांग
Deepak Nitrite अपनी सब्सिडियरी Deepak Chem Tech Ltd. के जरिए ₹2,500 करोड़ का निवेश करने जा रही है। इस पैसे से 240,000 टन प्रति वर्ष की क्षमता वाला एक नया बिसफेनॉल-ए (BPA) प्लांट लगाया जाएगा। यह प्रोजेक्ट क्यूमीन (Cumene) से फिनोल, एसीटोन, BPA और अंत में पॉलीकार्बोनेट रेजिन (Polycarbonate resin) तक की इंटीग्रेटेड सप्लाई चेन को पूरा करने में मदद करेगा। इस कदम का मुख्य उद्देश्य प्रमुख कच्चे माल के लिए बाहरी सप्लायर्स पर निर्भरता को कम करना है।
लीडरशिप में बदलाव और मार्केट का रिएक्शन
वित्तीय नतीजों के साथ-साथ, कंपनी ने अपने एडवांस्ड इंटरमीडिएट्स बिजनेस के लिए लोहित श्रिंगी (Lohit Shringi) को नया CEO नियुक्त करने का भी ऐलान किया है। श्रिंगी के पास स्पेशियलिटी केमिकल्स सेक्टर में 27 साल से ज्यादा का अनुभव है।
शेयर बाजार की बात करें तो, Deepak Nitrite के शेयर NSE पर ₹1,720 पर बंद हुए, जो 0.36% की मामूली बढ़त दर्शाता है। पिछले एक साल में, स्टॉक में लगभग 5% की गिरावट आई है, जबकि Nifty 500 इंडेक्स में लगभग 4% का इजाफा हुआ है। निवेशक अब कंपनी की नई BPA फैसिलिटी के एग्जीक्यूशन प्लान और वैश्विक केमिकल कीमतों की अस्थिरता के बीच मौजूदा प्रॉफिट मार्जिन को बनाए रखने की क्षमता पर नजर रखेंगे। पॉलीकार्बोनेट रेजिन प्लांट की प्रगति भी कंपनी की लॉन्ग-टर्म प्रोडक्शन कैपेसिटी के लिए महत्वपूर्ण साबित होगी।
