मार्जिन की मजबूती से भागा मुनाफा, रेवेन्यू में आई गिरावट
Deepak Nitrite ने चौथी तिमाही के नतीजों में 8.56% का इजाफा करते हुए ₹219.7 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह ₹202.4 करोड़ था। इस मुनाफे में उछाल मुख्य तौर पर कंपनी के EBITDA मार्जिन में आई बड़ी मजबूती की वजह से आया है। EBITDA मार्जिन बढ़कर 17.7% हो गया, जो पिछले साल 14.5% था। कंपनी के EBITDA में भी 18.8% की बढ़ोतरी हुई और यह ₹376 करोड़ रहा।
रेवेन्यू में 2.7% की सुस्ती, शेयर पर असर
हालांकि, इस सकारात्मक प्रॉफिट ग्रोथ के बावजूद, कंपनी के रेवेन्यू में 2.7% की गिरावट दर्ज की गई, जो ₹2,120.3 करोड़ रहा। पिछले साल इसी तिमाही में यह ₹2,179.7 करोड़ था। रेवेन्यू में आई यह सुस्ती बाजार की कमजोर मांग या बढ़ती प्रतिस्पर्धा का संकेत हो सकती है, भले ही कंपनी ने अपनी लागतों पर बेहतर नियंत्रण रखा हो।
डिविडेंड का ऐलान और शेयर का रिएक्शन
कंपनी के बोर्ड ने शेयरधारकों को ₹7.50 प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड (Dividend) देने का प्रस्ताव रखा है, जो 375% बनता है। बाजार ने इन नतीजों पर मिली-जुली प्रतिक्रिया दी है। 15 मई 2026 को, रेवेन्यू में गिरावट के चलते शेयर 1.41% गिरकर ₹1,812.15 पर बंद हुआ।
वैल्युएशन और इंडस्ट्री तुलना
Deepak Nitrite का मार्केट कैप लगभग ₹25,000 करोड़ है। कंपनी का TTM P/E रेशियो लगभग 47 है, जो इंडस्ट्री के औसत 41.12 से थोड़ा ज्यादा है। यह Aarti Industries (44.57) और SRF Ltd. (40.2) के P/E के करीब है, लेकिन Atul Ltd. (31.2) से ज्यादा और Navin Fluorine International (58.47) से कम है। पिछले साल की Q4 FY25 नतीजों के बाद शेयर 5.4% चढ़ा था, जबकि तब मुनाफा 20.7% गिरा था। पिछले एक साल में, दीपक नाइट्राइट के शेयर S&P BSE 100 इंडेक्स से 3.32% पीछे रहे हैं।
केमिकल सेक्टर की चुनौतियां और मौके
भारतीय केमिकल सेक्टर फिलहाल इनपुट लागतों में वृद्धि और सप्लाई चेन की दिक्कतों जैसी चुनौतियों का सामना कर रहा है। हालांकि, चीन से सप्लाई चेन के डायवर्सिफिकेशन से भारतीय कंपनियों को फायदा मिलने की उम्मीद है। हाल ही में फिनोल और एसीटोन की कीमतों में भी उछाल आया है। Deepak Nitrite की सब्सिडियरी ने गुजरात में ₹515 करोड़ की लागत से एक नया नाइट्रिक एसिड प्लांट भी चालू किया है।
एनालिस्ट्स की राय और भविष्य की योजनाएं
रेवेन्यू में 2.7% की गिरावट को देखते हुए विश्लेषक थोड़ी सावधानी बरत रहे हैं। कई विश्लेषकों ने 'Sell' रेटिंग दी है और उनके औसत प्राइस टारगेट ₹1,643.50 के आसपास हैं, जो मौजूदा शेयर भाव से नीचे हैं। कंपनी का 0.23 का डेट-टू-इक्विटी रेशियो मजबूत वित्तीय स्थिति को दर्शाता है। कंपनी के पास CNA, WNA, हाइड्रोजनशन, नाइट्रीकरण, MIBK और MIBC जैसे नए प्रोजेक्ट पाइपलाइन में हैं, और कंपनी दो प्रमुख साइटों पर 60-70% रिन्यूएबल एनर्जी का उपयोग करने का लक्ष्य रखती है।