मुनाफा क्यों बढ़ा, जब रेवेन्यू गिरा?
Dalmia Bharat Sugar के तिमाही नतीजों में इस बार एक दिलचस्प तस्वीर सामने आई है। भले ही कंपनी का कुल रेवेन्यू (Consolidated Revenue) पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 17% गिरकर ₹698 करोड़ पर आ गया हो, लेकिन लागतों पर बेहतर नियंत्रण और डिस्टिलरी सेगमेंट के मजबूत प्रदर्शन के चलते कंपनी का नेट प्रॉफिट (Profit After Tax - PAT) 17% बढ़कर ₹70 करोड़ हो गया।
इस मुनाफे में बढ़ोतरी का मुख्य श्रेय ऑपरेटिंग EBITDA मार्जिन में आई सुधार को जाता है। Q3 FY26 में मार्जिन बढ़कर 16% हो गया, जो पिछले साल की इसी अवधि में 12% था। इसी के चलते, ऑपरेटिंग EBITDA 8% की बढ़त के साथ ₹109 करोड़ दर्ज किया गया। कंपनी का अर्निंग्स पर शेयर (EPS) भी 17% बढ़कर ₹8.59 पर पहुंच गया।
शुगर में मंदी, डिस्टिलरी में तेजी
कंपनी के शुगर सेगमेंट में वॉल्यूम में 34% की बड़ी गिरावट आई और यह 0.8 LMT रहा। हालांकि, प्रति किलो चीनी की औसत बिक्री मूल्य (Net Sales Realisation - NSR) में मामूली 1% की वृद्धि हुई और यह ₹39.3/kg रहा। वहीं, डिस्टिलरी सेगमेंट ने कमाल दिखाया। इस सेगमेंट में वॉल्यूम 2% बढ़कर 4.9 करोड़ लीटर हो गया और इसने ₹324 करोड़ का ग्रॉस रेवेन्यू दिया, जो पिछले साल के बराबर ही रहा।
पिछले नौ महीनों (9M FY26) के नतीजों पर नजर डालें तो कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 3% घटकर ₹2,627 करोड़ रहा, जबकि नेट प्रॉफिट 21% गिरकर ₹132 करोड़ पर आ गया।
मैनेजमेंट की चिंताएं और भविष्य की योजनाएं
कंपनी के मैनेजमेंट ने बताया कि महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में गन्ने की बढ़ती कीमतें प्रोडक्शन कॉस्ट को बढ़ा रही हैं। ऐसे में, कंपनी और इंडस्ट्री ने सरकार से चीनी के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) और इथेनॉल की कीमतों में बढ़ोतरी की मांग की है, ताकि इंडस्ट्री की इकोनॉमी बेहतर हो सके।
Dalmia Bharat Sugar सिर्फ शुगर और इथेनॉल पर निर्भर नहीं रहना चाहती। कंपनी अपनी डिस्टिलरी कैपेसिटी बढ़ा रही है और कंप्रेस्ड बायो गैस (CBG) के क्षेत्र में कदम रख रही है। November 2026 तक नए CBG प्लांट और स्टीम-सेविंग उपकरण तैयार होने की उम्मीद है। इसके अलावा, कंपनी ने Eagle Agrotech Holdings Limited में 51% हिस्सेदारी का अधिग्रहण भी किया है, जो डायवर्सिफिकेशन की ओर एक बड़ा कदम है।
निवेशक अब सरकार की ओर से चीनी MSP और इथेनॉल कीमतों पर आने वाले फैसलों पर खास नजर रखेंगे। साथ ही, नए प्रोजेक्ट्स के सफल लॉन्च होने और अधिग्रहण का कंपनी के भविष्य पर क्या असर पड़ता है, यह देखना अहम होगा।
