📉 नतीजों का पूरा लेखा-जोखा
Dalmia Bharat Sugar and Industries Limited ने 31 दिसंबर, 2025 को समाप्त हुई तीसरी तिमाही (Q3 FY26) और नौ महीनों (9M FY26) के लिए अपने मिले-जुले वित्तीय नतीजे पेश किए हैं।
तीसरी तिमाही (Q3 FY26) के आंकड़े:
कंपनी ने इस तिमाही में ₹697.75 करोड़ का रेवेन्यू दर्ज किया, जो पिछले साल की समान अवधि के ₹837.67 करोड़ की तुलना में 28.6% की बड़ी गिरावट है। हालांकि, रेवेन्यू में कमी के बावजूद, कंपनी की मुनाफावसूली में सुधार देखा गया। प्रॉफिट बिफोर टैक्स (PBT) में 22.9% की वृद्धि हुई और यह ₹92.95 करोड़ पर पहुंच गया। अनुमानित EBITDA 13.6% बढ़कर ₹125.90 करोड़ हो गया, और EBITDA मार्जिन 13.2% से बढ़कर 21.1% की मजबूत स्थिति में आ गया। प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) 17.3% बढ़कर ₹69.56 करोड़ रहा, और बेसिक व डाइल्यूटेड अर्निंग्स पर शेयर (EPS) ₹7.33 से बढ़कर ₹8.59 हो गया। नतीजतन, PAT मार्जिन भी पिछले साल के 6.9% की तुलना में सुधरकर 9.6% हो गया।
नौ महीने (9M FY26) की तस्वीर:
इसके विपरीत, 31 दिसंबर, 2025 को समाप्त नौ महीनों के प्रदर्शन में तस्वीर थोड़ी अलग थी। ऑपरेशन्स से रेवेन्यू में 24.6% की जोरदार वृद्धि हुई और यह ₹2,627.35 करोड़ पर पहुंच गया। लेकिन, मुनाफे के मेट्रिक्स में गिरावट आई। PBT में 4.8% की कमी आई और यह ₹176.87 करोड़ रहा। EBITDA में 0.8% की मामूली गिरावट देखी गई और यह ₹276.30 करोड़ रहा, जबकि EBITDA मार्जिन पिछले साल की समान अवधि के 13.2% की तुलना में घटकर 10.5% पर आ गया। PAT में 20.8% की बड़ी गिरावट दर्ज की गई और यह ₹132.14 करोड़ पर आ गया। EPS भी घटकर ₹16.35 रह गया, जो पिछले साल ₹20.60 था। 9M FY26 के लिए PAT मार्जिन 4.9% रहा, जो 9M FY25 के 7.7% से कम है।
ऑपरेशनल एफिशिएंसी और नए प्रोजेक्ट्स:
Q3 में कम रेवेन्यू के बावजूद मार्जिन में सुधार को कंपनी की बेहतर ऑपरेशनल एफिशिएंसी और कॉस्ट मैनेजमेंट का असर माना जा रहा है। यह भी संकेत मिलता है कि हाल ही में शुरू हुए ग्रैन-बेस्ड डिस्टिलरी की कमर्शियल ऑपरेशन्स ने तिमाही नतीजों में सकारात्मक योगदान दिया होगा। कंपनी ने नए लेबर कोड्स और गन्ने की बढ़ती कीमतों के असर का भी जिक्र किया है।
Dalmia Bharat Sugar के बोर्ड ने ₹107 करोड़ के बड़े कैपेक्स प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी है। कोल्हापुर डिस्टिलरी में 13 TPD क्षमता वाले एक कंप्रेस्ड बायो-गैस (CBG) प्रोजेक्ट के लिए ₹58 करोड़ मंजूर किए गए हैं, जिसका लक्ष्य खर्च हुए वॉश (spent wash) का उपयोग करना है और इसे 9 महीनों में पूरा करने की उम्मीद है। इसके अलावा, जवाहरपुर यूनिट में ₹49 करोड़ की लागत से एक स्टीम सेविंग प्रोजेक्ट को भी मंजूरी मिली है, जिसे 7 महीनों में पूरा करने की उम्मीद है। ये निवेश कंपनी के सस्टेनेबिलिटी, एनर्जी एफिशिएंसी और रेवेन्यू स्ट्रीम्स को डाइवर्सिफाई करने की रणनीति को दर्शाते हैं।
अंतरिम डिविडेंड का ऐलान:
अपने शेयरधारकों को पुरस्कृत करते हुए, कंपनी ने फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के लिए ₹4.50 प्रति इक्विटी शेयर का अंतरिम डिविडेंड घोषित किया है। इस डिविडेंड के लिए रिकॉर्ड डेट 11 फरवरी, 2026 तय की गई है।
सब्सिडियरी अधिग्रहण:
कंपनी ने 18 दिसंबर, 2025 को Eagle Agrotech Holdings Limited को अपनी सब्सिडियरी (सहायक कंपनी) बना लिया है, जो संभावित रणनीतिक विस्तार का संकेत देता है।
🚩 जोखिम और आगे का रास्ता
इन नतीजों से मुख्य चिंता नौ महीने की अवधि में मार्जिन में आई बड़ी गिरावट है, खासकर EBITDA मार्जिन का 13.2% से घटकर 10.5% हो जाना। हालांकि Q3 में मार्जिन में रिकवरी दिखी है, लेकिन पूरे साल की सस्टेनेबल प्रॉफिटेबिलिटी लागतों और इनपुट कीमतों को प्रभावी ढंग से मैनेज करने पर निर्भर करेगी। Q3 में रेवेन्यू में आई गिरावट पर भी नजर रखनी होगी, हालांकि यह मौसमी या विशेष बाजार परिस्थितियों से जुड़ा हो सकता है। मंजूर किए गए कैपेक्स प्रोजेक्ट्स भविष्य के विकास और ऑपरेशनल एफिशिएंसी के लिए महत्वपूर्ण हैं, खासकर CBG प्रोजेक्ट जो बढ़ते बायो-एनर्जी बाजार का लाभ उठाएगा। निवेशक इन कैपेक्स पहलों के एग्जीक्यूशन और प्रभाव के साथ-साथ भविष्य में मार्जिन को बनाए रखने की कंपनी की क्षमता पर बारीकी से नजर रखेंगे।
