संयुक्त राज्य अमेरिका को अपनी फार्मास्युटिकल आपूर्ति श्रृंखला में एक महत्वपूर्ण, और शायद अनदेखी की गई, भेद्यता का सामना करना पड़ रहा है: आवश्यक दवाओं के निर्माण के लिए आवश्यक कच्चे माल पर चीन का प्रभावी नियंत्रण।
फार्मास्यूटिकल्स में भू-राजनीतिक लाभ
- जबकि चीन के साथ व्यापार तनाव बना हुआ है, बीजिंग के पास कई वैश्विक दवाओं के लिए मूलभूत सामग्री पर लगभग एकाधिकार के माध्यम से एक शक्तिशाली लाभ है।
- यह मुद्दा अमेरिका-चीन आर्थिक और सुरक्षा समीक्षा आयोग की वार्षिक रिपोर्ट का केंद्र बिंदु है, जो कांग्रेस से 2020 के एक कानून में संशोधन करने का आग्रह करती है।
- प्रस्तावित संशोधन संघीय खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) को दवा कंपनियों से दवा निर्माण खंडों (drug building blocks) की मात्रा और स्रोत की रिपोर्ट करने की मांग करने के लिए अधिक अधिकार देगा।
दवा उत्पादन में चीन का प्रभुत्व
- अमेरिका और अन्य राष्ट्र आधुनिक दवाओं के मुख्य घटकों – प्रमुख शुरुआती सामग्री (KSMs) और सक्रिय दवा सामग्री (APIs) – के उत्पादन के लिए चीन पर बहुत अधिक निर्भर हैं।
- 1950 के दशक से स्थापित चीन का विशाल, मानकीकृत उद्योग, इसे वैश्विक दवा आपूर्ति श्रृंखला में एक अत्यधिक महत्वपूर्ण भूमिका देता है।
चौंकाने वाली निर्भरता का खुलासा
- यूएस फार्माकोपिया (जो दवा गुणवत्ता मानकों को निर्धारित करता है) के आंकड़ों से एक नाटकीय बदलाव का पता चलता है।
- 1980 में, चीन दवा मास्टर फाइलों (drug master files) के लिए एफडीए फाइलिंग में एक महत्वपूर्ण खिलाड़ी नहीं था।
- 2000 तक, इसका हिस्सा 5% था, जबकि भारत 19% के साथ अग्रणी था।
- पिछले साल, चीन ने भारत को पीछे छोड़ दिया, कुल फाइलिंग में 45% हिस्सेदारी के साथ।
- यह स्थिति और भी जटिल हो जाती है क्योंकि भारत, जो एक प्रमुख जेनेरिक दवा आपूर्तिकर्ता है, स्वयं KSMs के लिए चीन पर बहुत अधिक निर्भर है।
- चौंकाने वाली बात यह है कि अमेरिका में उपयोग की जाने वाली आधी सक्रिय सामग्रियां एक ही स्रोत से आती हैं, और चीन कम से कम एक रसायन का एकमात्र आपूर्तिकर्ता है जिसका उपयोग लगभग 700 महत्वपूर्ण दवाओं में होता है।
जोखिम और भविष्य की अपेक्षाएं
- COVID-19 महामारी ने महत्वपूर्ण आपूर्तियों के लिए एकल स्रोतों पर अत्यधिक निर्भरता के खतरों को उजागर किया था।
- यूएस सुरक्षा समीक्षा आयोग के सदस्य लेलैंड मिलर ने सक्रिय दवा सामग्री पर बीजिंग के नियंत्रण को एक "डरावना हिस्सा" बताया।
- लक्ष्य चीन से स्वतंत्र एक आपूर्ति श्रृंखला का निर्माण करना है, जिसमें संभवतः भारत जैसे सहयोगी शामिल हों।
- हालांकि, अमेरिकी फर्मों के लिए KSMs के चीन के कम लागत वाले उत्पादन को दोहराने से लागत में 50% तक की वृद्धि हो सकती है।
- वाशिंगटन को पेंटागन के दुर्लभ पृथ्वी उत्पादक एमपी मटेरियल्स कॉर्प (MP Materials Corp.) के साथ हुए समझौते जैसे मॉडल तलाशने पड़ सकते हैं, जिसमें घरेलू आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए एक मूल्य तल (price floor) शामिल हो।
प्रभाव
- यह स्थिति संभावित आपूर्ति श्रृंखला 'चोकपॉइंट्स' (chokepoints) बनाकर वैश्विक सार्वजनिक स्वास्थ्य और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण जोखिम पैदा करती है।
- दवाओं की उपलब्धता और कीमतें भू-राजनीतिक कार्यों या भविष्य की बाधाओं से प्रभावित हो सकती हैं।
- अमेरिका और उसके सहयोगियों को इन जोखिमों को कम करने के लिए अपने फार्मास्युटिकल सामग्री स्रोतों में विविधता लाने की चुनौती का सामना करना पड़ रहा है।
- प्रभाव रेटिंग: 8/10
कठिन शब्दों की व्याख्या
- Key Starting Materials (KSMs): बुनियादी रासायनिक यौगिक जिनका उपयोग फार्मास्युटिकल सामग्री बनाने की जटिल प्रक्रिया में प्रारंभिक सामग्री के रूप में किया जाता है।
- Active Pharmaceutical Ingredients (APIs): दवा का वह जैविक रूप से सक्रिय घटक जो इच्छित चिकित्सीय प्रभाव उत्पन्न करता है।
- US-China Economic and Security Review Commission: एक अमेरिकी कांग्रेस आयोग जिसकी स्थापना चीन के साथ अमेरिका के आर्थिक संबंधों के राष्ट्रीय सुरक्षा निहितार्थों की निगरानी, समीक्षा और रिपोर्ट करने के लिए की गई थी।
- Federal Food and Drug Administration (FDA): एक अमेरिकी सरकारी एजेंसी जो मानव और पशु चिकित्सा दवाओं, टीकों और अन्य जैविक उत्पादों, चिकित्सा उपकरणों, देश की खाद्य आपूर्ति, सौंदर्य प्रसाधनों और विकिरण उत्सर्जित करने वाले उत्पादों की सुरक्षा, प्रभावशीलता और सुरक्षा सुनिश्चित करके सार्वजनिक स्वास्थ्य की रक्षा के लिए जिम्मेदार है।
- Generic Medicines: वे दवाएं जो खुराक के रूप, सुरक्षा, शक्ति, प्रशासन के मार्ग, गुणवत्ता, प्रदर्शन विशेषताओं और इच्छित उपयोग में ब्रांड-नाम दवा के बराबर होती हैं।
- Supply Chain Chokepoint: आपूर्ति श्रृंखला में एक ऐसा बिंदु जहां माल या सेवाओं का प्रवाह गंभीर रूप से बाधित हो जाता है, जिससे वह व्यवधान के प्रति संवेदनशील हो जाता है।