चीन ने सेमीकंडक्टर बनाने में इस्तेमाल होने वाले केमिकल 'डाइक्लोरोसिलेन' के जापानी इम्पोर्ट पर **99.2%** तक का एंटी-डंपिंग डिपॉजिट लगा दिया है।
चीन का बड़ा कदम
चीन के मिनिस्ट्री ऑफ कॉमर्स ने एक अहम फैसले में जापान से आने वाले डाइक्लोरोसिलेन पर भारी-भरकम एंटी-डंपिंग डिपॉजिट वसूलना शुरू कर दिया है। अधिकतर जापानी सप्लायर्स को अब 99.2% का डिपॉजिट जमा करना होगा, जबकि Denal Silane के लिए यह दर 80.8% तय की गई है। यह फैसला जनवरी 2026 में शुरू हुई एक जांच के बाद आया है, जिसमें पाया गया कि ये इम्पोर्ट उचित बाजार मूल्य से कम पर बेचे जा रहे थे, जिससे चीन के घरेलू केमिकल उद्योग को नुकसान हो रहा था।
क्या है कंपनियों पर असर?
सेमीकंडक्टर मटेरियल सेक्टर के इन्वेस्टर्स के लिए फिलहाल राहत की बात यह है कि इसका सीधा असर सीमित है। दिग्गज कंपनी Shin-Etsu Chemical ने साफ किया है कि उनके कुल बिजनेस में इस प्रोडक्ट की हिस्सेदारी बहुत मामूली है, इसलिए कंपनी को अपनी फाइनेंशियल परफॉर्मेंस पर किसी बड़े झटके की उम्मीद नहीं है।
ग्लोबल सप्लाई चेन पर टेंशन
हालांकि, यह कदम टेक्नोलॉजी सप्लाई चेन के लिए चिंताजनक है। डाइक्लोरोसिलेन चिप निर्माण का एक अनिवार्य हिस्सा है और जापान इसका प्रमुख सप्लायर है। चीन का यह फैसला बीजिंग और टोक्यो के बीच पहले से चल रहे कूटनीतिक तनाव को और बढ़ा सकता है। फिलहाल जापानी सरकार ने इस फैसले का औपचारिक विरोध किया है और इसे वापस लेने की मांग की है। अब निवेशकों की नजर इस बात पर है कि क्या चीन इन अस्थायी डिपॉजिट्स को स्थायी एंटी-डंपिंग ड्यूटी में बदलता है, जो भविष्य में चिप बनाने वाली कंपनियों की रणनीति बदल सकता है।
