Bhageria Industries Limited ने फाइनेंशियल ईयर 2026 की तीसरी तिमाही (Q3 FY26) में अपने स्टैंडअलोन रेवेन्यू फ्रॉम ऑपरेशंस में शानदार 41.00% का इजाफा दर्ज किया है। यह पिछले साल की समान अवधि के ₹171.60 करोड़ से बढ़कर ₹241.93 करोड़ हो गया। कंसोलिडेटेड (समेकित) आधार पर भी रेवेन्यू में 41.78% की वृद्धि हुई, जो ₹241.54 करोड़ रहा।
लेकिन, कमाई के मोर्चे पर तस्वीर थोड़ी अलग रही। मार्जिन पर दबाव के कारण, स्टैंडअलोन आधार पर प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) में पिछले साल की तुलना में 7.09% की गिरावट आई है और यह ₹12.02 करोड़ पर आ गया (पिछले साल ₹12.94 करोड़ था)। इसी तरह, कंसोलिडेटेड PAT भी 4.77% घटकर ₹10.84 करोड़ रहा (पिछले साल ₹11.38 करोड़ था)।
बेसिक और डाइल्यूटेड अर्निंग्स पर शेयर (EPS) पर भी इस दबाव का असर दिखा। स्टैंडअलोन EPS घटकर ₹2.75 रह गया (पिछले साल ₹2.96 था), जबकि कंसोलिडेटेड EPS ₹2.56 रहा (पिछले साल ₹2.78 था)।
कंपनी के 'केमिकल्स' सेगमेंट ने इस तिमाही में स्टैंडअलोन रेवेन्यू में ₹229.58 करोड़ का महत्वपूर्ण योगदान दिया, जो कंपनी का मुख्य आधार बना हुआ है।
अब बात करते हैं कंपनी के भविष्य के प्लान्स की। Bhageria Industries के बोर्ड ने मिनरल बिजनेस (खनिज व्यवसाय) में उतरने के लिए एक अहम कदम उठाया है। इसके तहत, कंपनी एक पूरी तरह से अपनी सहायक कंपनी (wholly-owned subsidiary) बनाएगी। यह कदम कंपनी को अपने मुख्य केमिकल बिजनेस से अलग नए रेवेन्यू सोर्स खोजने और जोखिम को कम करने में मदद कर सकता है।
हालांकि, निवेशकों के लिए मार्जिन पर पड़ रहा दबाव एक चिंता का विषय है। आने वाली तिमाहियों में कंपनी किस तरह लागतों को नियंत्रित करती है और अपनी लाभप्रदता (profitability) को बेहतर बनाती है, यह देखना अहम होगा। नई मिनरल सब्सिडियरी का प्रदर्शन भी कंपनी की भविष्य की ग्रोथ के लिए काफी महत्वपूर्ण साबित होगा।