Best Agrolife का 'Tricolour' कमाल: कश्मीर के सेब के बागानों के लिए मिली SKUAST की मंजूरी

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AuthorAditya Rao|Published at:
Best Agrolife का 'Tricolour' कमाल: कश्मीर के सेब के बागानों के लिए मिली SKUAST की मंजूरी

Best Agrolife Ltd के पेटेंटेड फंगीसाइड 'Tricolour' को कश्मीर की शेर-ए-कश्मीर यूनिवर्सिटी (SKUAST) से बड़ी मान्यता मिल गई है। **3 साल** के कड़े फील्ड ट्रायल के बाद मिली यह मंजूरी कंपनी के लिए उत्तर भारत के एप्पल मार्केट में अपनी पकड़ मजबूत करने का एक बड़ा रास्ता है।

सेब के बागानों में नई रणनीति

यूनिवर्सिटी ने 'Tricolour' के इस्तेमाल के लिए एक विशेष प्रोटोकॉल जारी किया है। इसके तहत बागवानों को फूल झड़ने के समय और उसके 20 दिन बाद फल के अखरोट के आकार का होने पर इसका छिड़काव करने की सलाह दी गई है। यह समय मानसून के दौरान होने वाली नमी से निपटने के लिए तय किया गया है, जिससे सेब के बागानों को फंगल अटैक से बचाया जा सके और फलों की क्वालिटी बेहतर बनी रहे।

कंपनी के लिए ग्रोथ का मौका

कश्मीर में सेब की खेती लगभग 1.72 लाख हेक्टेयर में फैली हुई है, जो वहां के हजारों परिवारों की आजीविका का मुख्य साधन है। Best Agrolife पहले से ही धान, गेहूं, अंगूर और टमाटर जैसी फसलों के लिए अपने उत्पाद पेश कर रही है, लेकिन अब एप्पल मार्केट में यह एंट्री कंपनी के लिए एक बड़ा गेम चेंजर साबित हो सकती है।

प्रोडक्ट और मार्केट रिस्क

इस फंगीसाइड में ट्राइफ्लोक्सिस्ट्रोबिन, डाइफेनोकोनाज़ोल और सल्फर का ट्रिपल-एक्शन फॉर्मूला है। हालांकि यह मंजूरी कंपनी की साख बढ़ाती है, लेकिन निवेशकों को यह ध्यान रखना चाहिए कि एग्रोकेमिकल सेक्टर में बिजनेस रिस्क काफी रहता है। कच्चे माल की बदलती कीमतें और मौसम की अनिश्चितता कंपनी के प्रॉफिट मार्जिन पर दबाव डाल सकती है। आने वाले समय में कंपनी की डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क बनाने की क्षमता और किसानों द्वारा इसे अपनाने की दर ही इसके असली मुनाफे की तस्वीर साफ करेगी।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.