Balrampur Chini Mills के शेयर में आज शानदार तेजी देखने को मिली है। कंपनी ने ₹3,000 करोड़ के बायो-प्लास्टिक प्लांट की योजना के बारे में अपडेट दिया है, जिसके बाद शेयर **₹642** के 52-Week High पर पहुंच गया।
Detailed Coverage
बायो-प्लास्टिक प्लांट से ₹2,000 करोड़ की कमाई का अनुमान
Balrampur Chini Mills के शेयर ने मंगलवार को ₹642 का नया 52-Week High छुआ, जिसने इंट्रा-डे में 7% की उछाल दर्ज की। पिछले एक महीने में स्टॉक में 21% की तेजी आई है, क्योंकि निवेशक कंपनी के बायो-प्लास्टिक सेक्टर में विस्तार को लेकर उत्साहित हैं।
कंपनी भारत का पहला बड़े पैमाने पर पॉली लैक्टिक एसिड (PLA) प्लांट बना रही है। यह प्लांट सालाना 80,000 टन बायो-प्लास्टिक का उत्पादन करेगा, जिसके लिए गन्ने का इस्तेमाल कच्चे माल के तौर पर किया जाएगा। कंपनी को उम्मीद है कि यह प्लांट शुरू होने के बाद सालाना करीब ₹2,000 करोड़ का रेवेन्यू जेनरेट करेगा। प्लांट से कमर्शियल ऑपरेशंस दिसंबर 2026 तक शुरू होने की उम्मीद है।
यह प्रोजेक्ट शुगर मैन्युफैक्चरर के लिए एक बड़ा कदम है, जो उन्हें अपने पारंपरिक बिजनेस से आगे बढ़कर नए क्षेत्र में विविधता लाने का मौका देगा। इस पहल को उत्तर प्रदेश सरकार की बायो प्लास्टिक इंडस्ट्रियल पॉलिसी 2024 का भी समर्थन प्राप्त है।
प्रोजेक्ट पर खर्च और फाइनेंशियल हेल्थ
इस विस्तार प्रोजेक्ट पर कुल लागत ₹3,000 करोड़ से अधिक बताई जा रही है। Crisil Ratings के अनुसार, यह प्रोजेक्ट समय पर चल रहा है। जनवरी 2026 तक, कंपनी इस निर्माण पर ₹1,421 करोड़ खर्च कर चुकी थी।
हालांकि, रेटिंग एजेंसी का कहना है कि कंपनी के लिए लागत का प्रबंधन, प्रोजेक्ट को समय पर पूरा करना और अपेक्षित इंसेंटिव्स हासिल करना कंपनी के लॉन्ग-टर्म फाइनेंशियल हेल्थ के लिए महत्वपूर्ण होगा।
निवेशकों के लिए, यह बड़ा कैपिटल स्पेंडिंग प्रोग्राम एक अहम फैक्टर है। नए रेवेन्यू की संभावना जितनी ज्यादा है, उतना ही इन बड़े निवेशों पर कंपनी के डेट लेवल और कैश फ्लो पर कड़ी नजर रखना जरूरी होगा। शुगर इंडस्ट्री कच्चे माल की उपलब्धता और सरकारी नीतियों में बदलाव के प्रति संवेदनशील होती है, इसलिए इस नए बिजनेस मॉडल में सफल ट्रांजिशन कंपनी की भविष्य की सफलता तय करेगा।
